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Wednesday, February 11, 2026
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बीएसएनएल नेटवर्क सेवा ध्वस्त: बैटरियों की कमी, डीजल संकट और अधिकारियों की सुस्ती की जड़ें

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। बीएसएनएल नेटवर्क सेवा में हाल ही में आई भारी समस्या ने स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा में डाल दिया है। नेटवर्क की स्थिति के बिगडऩे के मुख्य कारण टॉवर पर बैटरियों की कमी, डीजल संकट और अधिकारियों की सुस्ती बताई जा रही है।
बीएसएनएल के कई टॉवरों पर बैटरियों की गंभीर कमी हो गई है, जो नेटवर्क की निरंतरता में बाधा डाल रही है। इन बैटरियों का उपयोग टॉवर को विद्युत आपूर्ति में कटौती के दौरान सपोर्ट देने के लिए किया जाता है। लेकिन, कई टॉवरों पर बैटरियों की अनुपलब्धता के कारण, नेटवर्क के कई हिस्सों में सेवाएं ठप हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में 25 में से लगभग 10 बीएसएनएल टॉवर इस समस्या से प्रभावित हैं।
डीजल की आपूर्ति में बाधा ने भी नेटवर्क सेवा को प्रभावित किया है। टॉवरों पर जनरेटरों को चलाने के लिए नियमित रूप से डीजल की आवश्यकता होती है, जो अब ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, कई टॉवरों की जनरेटर सेवाएं बंद हो गई हैं, जिससे नेटवर्क कवरेज में बड़े अंतर आ गए हैं।
इस संकट का एक और महत्वपूर्ण पहलू अधिकारियों की सुस्ती है। बीएसएनएल की कई समस्याएं ठेकेदारों के माध्यम से हल की जाती हैं, लेकिन इनमें से कई ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी की कमी और धीमी प्रक्रिया ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय निवासियों ने नेटवर्क की समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें की हैं। ग्राहकों का कहना है कि वे इंटरनेट और कॉल सेवाओं के लिए दिन-रात परेशान हो रहे हैं। कई लोगों ने यह भी बताया कि उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत संचार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है।
बीएसएनएल अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द बैटरियों की कमी और डीजल संकट को हल करने के प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे नेटवर्क की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों की कार्यक्षमता की समीक्षा करेंगे।
इस स्थिति का समाधान कब होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही बीएसएनएल नेटवर्क सेवाएं सुचारू हो जाएं ताकि उनकी समस्याओं का निवारण हो सके।

जिले में विकास की धीमी रफ्तार: डूडा में फंड की कमी, पीएम आवास योजना की किस्तें रुकीं

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले के नगरीय इलाकों में विकास की धीमी गति और सरकारी योजनाओं के अमल में आ रही रुकावटों के कारण तमाम लोगों को अपनी छत नसीब नहीं हो पा रही है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में फंड की कमी और पीएम आवास योजना की तीसरी किस्त न मिलने के कारण यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
डूडा, जो कि जिला नगरीय विकास अभिकरण के नाम से जाना जाता है, फंड की कमी के कारण सफेद हाथी बन चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, डूडा के तहत आने वाले विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि का सिर्फ 40′ ही खर्च हो पाया है। बाकी का 60त्न फंड विभिन्न कारणों से खर्च नहीं हो पाया, जिसमें प्रशासनिक अड़चनें और फंड की अनुपलब्धता मुख्य कारण हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत तमाम लाभार्थियों को उनकी तीसरी किस्त का इंतजार है। जिले के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 5000 परिवारों को अभी तक तीसरी किस्त नहीं मिली है, जिससे उनके घरों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।
जिले के नगरीय इलाकों में विकास की रफ्तार बहुत धीमी है। सडक़ें टूटी-फूटी हैं, नालियों की उचित व्यवस्था नहीं है और सार्वजनिक सुविधाओं की कमी है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि सरकार की योजनाएं और विकास कार्य कागजों पर ही सीमित रह गए हैं।
डूडा और जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि फंड की कमी के कारण कई विकास कार्य अधूरे रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम आवास योजना की तीसरी किस्त के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और जल्द ही फंड रिलीज होने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द फंड रिलीज करें और विकास कार्यों को पूरा करें। उनका कहना है कि वे कई वर्षों से विकास की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।जिले के नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही विकास कार्यों में तेजी आएगी और उन्हें भी अपनी छत नसीब होगी।

पुरानी रंजिश में पिता पुत्र पर जानलेवा हमला, की फायरिंग

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। पुरानी रंजिश में पिता-पुत्र नें जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग की गई पीडि़त ने घटना की शिकायत तहरीर देकर पुलिस से की है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला दिल्ली ख्याली कूंचा निवासी आदेश वर्मा पुत्र सुरेश चन्द्र नें पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया कि बीती रात लगभग 9:30 बजे अपने घर की बैठक में पुत्र पुत्र के साथ बैठा थ। आदेश वर्मा की कस्मेटिक की दुकान है। आरोप है कि उसी दौरान रोहित दिवाकर, स्वागत मिश्रा पुत्र प्रेम शंकर व प्रेम शंकर निवासी दिल्ली ख्याली कूंचा, राम कृष्ण दीक्षित निवासी निवासी गुदड़ी आ गये । उन्होंने 5 हजार की रंगदारी मांगी। आरोपियों नें आदेश और उनके पुत्र देवांश वर्मा पर फायरिंग कर दी। गोली घर के गेट पर लगे टायल्स पर लगी। गोली की आबाज सुनकर भीड़ मौके पर आ गयी। आरोपी आगे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गये ।
देवांश वर्मा नें आरोप लगाया कि उन्होंने एक आरोपी को पकड़ भी लिया और तिकोना चौकी पुलिस को सौंप भी दिया लेकिन पुलिस नें उसे छोड़ दिया। बीते दो दिन पूर्व आदेश वर्मा व उनके पुत्र देवांश वर्मा नें एक युवक को जमकर पीट दिया था । जिसमे रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था । मामले में पीडि़त पक्ष नें पुलिस को तहरीर भी दी। लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया ।
देवांश वर्मा आरोपी पक्ष की एक युवती को अपने साथ कुछ माह पूर्व ले गया था। बाद में पुलिस नें एफआईआर दर्ज करनें के बाद लडक़ी ले जानें के मामले में देवांश को जेल भेजा था । जिसकी खुन्नस चली आ रही थी।
आदेश वर्मा के पुत्र देवांश वर्मा ने बताया कि उसने अपने पिता के साथ मिलकर एक आरोपी को पकड़ लिया। जिसे पुलिस को सौंपा । लेकिन पुलिस ने छोड़ दिया। पुलिस पर 5 हजार रूपये लेनें का भी आरोप लगाया है। तिकोना चौकी प्रभारी यतेन्द्र कुमार नें बताया कि गलत आरोप लगाया जा रहा है। पीडि़त पक्ष गलत तरीके से मुकदमा दर्ज कराना चाह रहा है। शहर कोतवाल जेपी शर्मा नें बताया कि जाँच की जा रही है।

बिना परीक्षा दिए NCERT में नौकरी का शानदार मौका, 1.44 लाख तक मिलेगी सैलरी

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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी (NCERT) ने नौकरी के लिए आवेदन निकाला है, जिसमें लाखों में सैलरी मिलेगी. दरअसल, एनसीईआरटी कुल 123 पदों पर वैकेंसी निकाली है, जिसके तहत प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियां की जाएंगी. जो योग्य उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वो एनसीईआरटी की साइट https://ncert.nic.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

ध्यान रहे कि उम्मीदवारों को 16 अगस्त तक या उससे पहले अपने आवेदन भेजने होंगे, क्योंकि 16 अगस्त आवेदन करने की लास्ट डेट है. नोटिफिकेशन के मुताबिक, एनसीईआरटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें असिस्टेंट लाइब्रेरियन समेत कुल 32 पद खाली हैं, जबकि एसोसिएट प्रोफेसर के पद के लिए 58 और प्रोफेसर के लिए 33 रिक्तियां हैं. एनसीईआरटी की ये भर्तियां दिल्ली समेत अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग के लिए की जाएंगी.

कितना है आवेदन शुल्क?

एनसीईआरटी भर्ती 2024 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 1 हजार रुपये का भुगतान करना होगा,जबकि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) या विकलांग (पीडब्ल्यूडी) से संबंधित उम्मीदवारों को कोई शुल्क नहीं देना होगा यानी वो बिना किसी शुल्क के आवेदन कर सकते हैं.

कितनी होगी सैलरी?

– प्रोफेसर पद के लिए चयनित उम्मीदवारों को लेवल 14 के तहत 1,44,200 रुपये मंथली सैलरी दी जाएगी.
– एसोसिएट प्रोफेसर के लिए चयनित उम्मीदवारों को लेवल 13ए के तहत 1,31,400 रुपये सैलरी मिलेगी.
– असिस्टेंट प्रोफेसर या असिस्टेंट लाइब्रेरियन को लेवल 10 के तहत 57,700 रुपये का मासिक वेतन दिया जाएगा.

कैसे करें आवेदन?

– सबसे पहले तो एनसीईआरटी की साइट ncert.nic.in/ पर जाएं.
– होम पेज पर दिख रहे एनाउंसमेंट में जाकर वैकेंसीज पर क्लिक कर दें.
– वैकेंसीज पर क्लिक करते ही ऊपर ही आपको विज्ञापन नंबर 174/2024 दिखाई देगा और उसके राइट साइड में Apply Now का ऑप्शन दिखेगा.
– Apply Now पर क्लिक करके आप अपनी योग्यतानुसार पद के लिए आवेदन कर सकते हैं.

 

कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?

प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर उम्मीदवारों का चयन उनके इंटरव्यू और फिर डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा. इंटरव्यू के लिए टाइम, डेट और जगह उम्मीदवार के शॉर्टलिस्ट होने के बाद ही बताया जाएगा.

युवक ने उधार लिए 11 लाख रुपये वापस करने से किया इंकार, पुलिस ने दिया जांच का भरोसा

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यूथ इंडिया संवाददाता
नबावगंज, फर्रुखाबाद। जनपद एटा के थाना अलीगंज के गांव अमरौली रतनपुर निवासी रामपाल ने लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नगला गुलरिया निवासी एक युवक को 11 लाख रुपये उधार दिए थे। युवक ने वादा किया था कि वह पांच माह में रुपये वापस कर देगा। पांच माह बीत जाने के बाद भी युवक ने रुपये वापस नहीं किए। रामपाल ने कई बार रुपये मांगने की कोशिश की, लेकिन युवक ने हर बार टालमटोल कर दी।
दो दिन पूर्व रामपाल ने फिर से अपने रुपये मांगने की कोशिश की, लेकिन युवक ने साफ तौर पर रुपये वापस करने से मना कर दिया। रामपाल ने थाने में युवक के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

फर्जी गोलीकांड कर जवाबी मुकदमा लिखाने की जोर आजमाइश जांच में जुटी पुलिस

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। डीजीपी के दखल पर थाना नबावगंज में दलित परिवार की जमीन पर खुलेआम कब्जा करने को लेकर एसकेएम इंटर कॉलेज के प्रबंधक अवधेश मिश्रा पर दलित उत्पीडऩ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे से नाराज प्रबंधक ने अपनी पुरानी कार्यशैली के तहत एक फर्जी गोलीकांड का सहारा लेकर जवाबी मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की।
अवधेश मिश्रा ने अपनी साजिश के तहत अपने ही नौकर पर गोली चलवाई और लोहिया अस्पताल में शनिवार रात उसका मेडिकल कराया। इसके बाद उन्होंने एक फर्जी मुकदमे की संरचना की, जिसमें उन्होंने दलित परिवार की मदद कर रहे रालोद के प्रांतीय नेता राजीव रंजन को फंसाने की कोशिश की। अवधेश मिश्रा का यह तरीका कोई नया नहीं है; इससे पहले भी उन्होंने कई लोगों को इस प्रकार फंसाकर जेल भिजवाया है।
थाना नबावगंज पुलिस इस फर्जी गोलीकांड की साजिश से बेहद परेशान है। पुलिस ने अवधेश मिश्रा के खिलाफ दलित उत्पीडऩ की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर रखा है। पुलिस का कहना है कि अवधेश मिश्रा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश की है।
अवधेश मिश्रा कचहरी से चर्चित और माफिया अनुपम दुबे के खास लोगों में शुमार रहे हैं। उन्होंने पूर्व में भी कई लोगों को इसी प्रकार फंसा कर जेल भिजवाया है। इस घटना ने फर्रुखाबाद के स्थानीय प्रशासन और आम जनता के बीच हडक़ंप मचा दिया है।पुलिस इस फर्जी मुकदमे की साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है और अवधेश मिश्रा की पुरानी गतिविधियों की भी जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
यह घटना फर्रुखाबाद के न्यायिक और प्रशासनिक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और लोगों में न्याय की उम्मीद को बनाए रखने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।