यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। बीएसएनएल नेटवर्क सेवा में हाल ही में आई भारी समस्या ने स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा में डाल दिया है। नेटवर्क की स्थिति के बिगडऩे के मुख्य कारण टॉवर पर बैटरियों की कमी, डीजल संकट और अधिकारियों की सुस्ती बताई जा रही है।
बीएसएनएल के कई टॉवरों पर बैटरियों की गंभीर कमी हो गई है, जो नेटवर्क की निरंतरता में बाधा डाल रही है। इन बैटरियों का उपयोग टॉवर को विद्युत आपूर्ति में कटौती के दौरान सपोर्ट देने के लिए किया जाता है। लेकिन, कई टॉवरों पर बैटरियों की अनुपलब्धता के कारण, नेटवर्क के कई हिस्सों में सेवाएं ठप हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में 25 में से लगभग 10 बीएसएनएल टॉवर इस समस्या से प्रभावित हैं।
डीजल की आपूर्ति में बाधा ने भी नेटवर्क सेवा को प्रभावित किया है। टॉवरों पर जनरेटरों को चलाने के लिए नियमित रूप से डीजल की आवश्यकता होती है, जो अब ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, कई टॉवरों की जनरेटर सेवाएं बंद हो गई हैं, जिससे नेटवर्क कवरेज में बड़े अंतर आ गए हैं।
इस संकट का एक और महत्वपूर्ण पहलू अधिकारियों की सुस्ती है। बीएसएनएल की कई समस्याएं ठेकेदारों के माध्यम से हल की जाती हैं, लेकिन इनमें से कई ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी की कमी और धीमी प्रक्रिया ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय निवासियों ने नेटवर्क की समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें की हैं। ग्राहकों का कहना है कि वे इंटरनेट और कॉल सेवाओं के लिए दिन-रात परेशान हो रहे हैं। कई लोगों ने यह भी बताया कि उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत संचार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है।
बीएसएनएल अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द बैटरियों की कमी और डीजल संकट को हल करने के प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे नेटवर्क की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों की कार्यक्षमता की समीक्षा करेंगे।
इस स्थिति का समाधान कब होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही बीएसएनएल नेटवर्क सेवाएं सुचारू हो जाएं ताकि उनकी समस्याओं का निवारण हो सके।