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Thursday, May 28, 2026
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सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा ने एक मिट्टी से भरे डंपर को पकड़ा

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नवाबगंज
नवाबगंज नगर में गुरुवार शाम सीओ मोहम्मदाबाद अजय वर्मा ने एक मिट्टी से भरे डंपर को पकड़ा। डंपर बिना नंबर प्लेट के अस्पताल रोड की ओर से आ रहा था, जिसे सुनीता हॉस्पिटल के पास रोका गया। सीओ वर्मा ने डंपर में मिट्टी भरी देखकर चालक से संबंधित दस्तावेज मांगे। हालांकि, चालक मिट्टी के खनन से जुड़े कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। दस्तावेज न होने पर सीओ ने डंपर को तत्काल कब्जे में ले लिया और उसे सीज कर दिया। पुलिस ने जब्त किए गए डंपर को मंझना रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करा दिया है। बताया जा रहा है कि यह डंपर मिट्टी लेकर एक ईंट भट्टे की ओर जा रहा था। सीओ अजय वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चालक के पास खनन संबंधी दस्तावेज नहीं थे, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

मौसम का रेड अलर्ट, 100 किमी प्रतिघंटा तक तूफान की चेतावनी

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लखनऊ । भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे फर्रुखाबाद समेत पूरे कानपुर मंडल के लिए मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लखनऊ ने 29 और 30 मई 2026 के लिए “रेड अलर्ट” घोषित करते हुए तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि आने वाले 48 घंटे जनजीवन पर भारी पड़ सकते हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र अमौसी, लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर नगर और कानपुर देहात में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है। अधिकतम तापमान 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। इसी वजह से गर्मी के साथ उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 मई को जिले के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर लू का असर जारी रहने के साथ तेज अंधड़ और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।

सबसे बड़ा खतरा 29 और 30 मई को माना जा रहा है। विभाग ने फर्रुखाबाद को “वार्निंग – टेक एक्शन ” श्रेणी में रखते हुए चेताया है कि इस दौरान 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है। तेज आंधी और बारिश के चलते बिजली आपूर्ति, यातायात और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 7 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। हालांकि इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों, टिन शेड और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने और सिंचाई तथा छिड़काव का कार्य फिलहाल रोकने को कहा गया है।
आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1077 और पुलिस सहायता नंबर 112 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
मौसम संबंधी अपडेट के लिए आईएमडी की आधिकारिक वेबसाइट तथा ‘दामिनी ’ मोबाइल ऐप का उपयोग करने की अपील की गई है।

अमेठी पुलिस ने सुल्तानपुर में बंदूक की नोक पर हुई लूट का किया खुलासा, 68 बकरियों के साथ तीन लुटेरे गिरफ्तार

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अमेठी: अमेठी पुलिस (Amethi police) ने सुल्तानपुर (Sultanpur) में बंदूक की नोक पर हुई एक सनसनीखेज लूट का खुलासा किया है। तीन आरोपियों को 68 चोरी की बकरियों, 2,40,000 रुपये नकद और एक कार के साथ गिरफ्तार किया गया है। बकरियों की अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है। इन चोरी की बकरियों को बकरी ईद के लिए लखनऊ में बेचा जाना था।

अमेठी एसपी सरवनन टी ने बताया कि उन्होंने सुल्तानपुर में बकरी व्यापारियों को लूटने वाले एक गिरोह के तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। तीनों अपराधी – जिनकी उम्र 18 से 21 वर्ष के बीच है – बाराबंकी जिले के निवासी हैं। अपराधियों ने 27 मई की रात को सुल्तानपुर के चंदा में बकरी व्यापारियों को लूटा, जब वे लखनऊ-सुल्तानपुर राजमार्ग पर मथाभसुंडा जंगल के पास बकरियों से भरी महिंद्रा पिकअप वैन में यात्रा कर रहे थे। अपराधी बिना नंबर प्लेट वाली कार में यात्रा कर रहे थे।

सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को घेर लिया। अंधेरे का फायदा उठाकर पिकअप ड्राइवर भाग निकला, लेकिन कार में सवार तीनों अपराधियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष गोस्वामी, करण सिंह और संजय सिंह के रूप में हुई, जो बाराबंकी के कोठी पुलिस स्टेशन के निवासी हैं।

तलाशी के दौरान, तीनों आरोपियों से कुल 2,400,000 रुपये नकद, दो पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पिकअप वैन से कुल 68 बकरियां बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका गिरोह रात में पशुओं से लदे ट्रकों की रेकी करता था और फिर उन्हें बंदूक की नोक पर लूट लेता था।

पूर्व सैनिक ने खुद को मारी तीन गोलियां,हालत गंभीर

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फर्रुखाबाद। मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम खलवारा में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब सेवानिवृत्त सैनिक जयद्रथ यादव ने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। गंभीर हालत में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक करीब 60 वर्षीय जयद्रथ यादव अपने घर की तीसरी मंजिल पर कमरे में मौजूद थे, जबकि उनकी पत्नी नीचे के हिस्से में थीं। अचानक गोलियों की आवाज सुनते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन दौड़कर कमरे में पहुंचे तो जयद्रथ लहूलुहान हालत में पड़े मिले और पास में रिवॉल्वर पड़ी थी।

घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घायल पूर्व सैनिक को आनन-फानन में शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

परिजनों के अनुसार जयद्रथ यादव ने सिर में तीन गोलियां मारी हैं। बताया जा रहा है कि वह पहले ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। परिवार में बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी की शादी हो चुकी है।

चित्रकूट: बुआ के घर से लौट रहे 2 सगे भाई सड़क हादसे के हुए शिकार, इलाज के दौरान मौत

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चित्रकूट: चित्रकूट (Chitrakoot) में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा (road accident) हुआ है, जहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार 2 भाइयों को ठोकर मार दी। दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

बता दें कि घटना सरधुवा थाना क्षेत्र अरछा बरेठी गांव के पास उस वक्त घटी, जब 2 सगे भाई बाइक से तेली कार्यक्रम के लिए दूध लेने के लिए अपनी बुआ के घर गए थे। दोनों बुआ के घर से दूध लेकर अपने घर वापस जा रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को ठोकर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। हादसा होता देख राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।

वहीं जानकारी मिलते ही पीआरवी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायल भाइयों को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में एक भाई की मौत हो गई। वहीं दूसरे की हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर किया गया। रास्ते में दूसरे की भी मौत हो गई। मृतकों की पहचान गणेश दत्त (35) और रंजन कुमार (30) के रूप में हुई है। पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश में जुट गई है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाने की बात पुलिस कह रही है।

 

विद्वानों की संगति से ही महान बनता है राष्ट्र नेतृत्व: प्रोफेसर एच.एन.शर्मा

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प्रोफेसर एच.एन.शर्मा

“यस्य शर्मन्नुप विश्वे जनास एवैस्तस्थुः सुमतिं भिक्षमाणाः। वैश्वानरो वरमा रोदस्योराग्निः ससाद पित्रोरुपस्थम्॥”
ऋग्वेद का यह मंत्र केवल आध्यात्मिक चेतना का संदेश नहीं देता, बल्कि आदर्श शासन, राष्ट्र नेतृत्व और सत्ता के चरित्र का भी गहरा दर्शन प्रस्तुत करता है। वेद स्पष्ट संकेत देते हैं कि वही शासक, वही राजा और वही नेतृत्व दीर्घकाल तक सम्मान और सफलता प्राप्त करता है, जिसके आसपास विद्वान, चरित्रवान, सत्य बोलने वाले और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले सलाहकार उपस्थित रहते हैं। जहां सत्ता के निकट ज्ञान और सत्य समाप्त हो जाता है, वहां पतन की शुरुआत तय मानी जाती है।

आज भारत सहित पूरी दुनिया की राजनीति ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां नेतृत्व की विश्वसनीयता और नैतिकता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को केवल शासन चलाने के लिए नहीं चुनती, बल्कि उनसे न्याय, दूरदृष्टि और नैतिक दिशा की भी अपेक्षा करती है। लेकिन जब राजनीति में चाटुकारिता, अवसरवाद और निजी स्वार्थ हावी होने लगते हैं, तब व्यवस्था का संतुलन धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है।

मुझे देश के पूर्व प्रधानमंत्री और युवा तुर्क के नाम से प्रसिद्ध चंद्रशेखर जी के साथ राजनीतिक सलाहकार के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। मैंने उनके व्यक्तित्व में एक विशेष गुण हमेशा देखा वे अपने आसपास ऐसे लोगों को रखना पसंद करते थे जो सच बोलने का साहस रखते हों। चंद्रशेखर जी मानते थे कि केवल प्रशंसा सुनने वाला नेतृत्व धीरे-धीरे वास्तविकता से कट जाता है। यही कारण था कि वे वैचारिक बहस, संवाद और स्पष्ट सोच को राजनीति की आत्मा मानते थे।

आज राजनीति में सबसे बड़ा संकट “सत्य बोलने वालों” की कमी का दिखाई देता है। अधिकांश नेता अपने आसपास ऐसे लोगों की भीड़ खड़ी कर लेते हैं जो केवल उनकी हां में हां मिलाते हैं। परिणामस्वरूप सत्ता आम जनता की वास्तविक समस्याओं से दूर होती चली जाती है। जनता बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और सामाजिक असुरक्षा से जूझती रहती है, जबकि सत्ता का बड़ा हिस्सा केवल प्रचार और प्रबंधन में व्यस्त दिखाई देता है।

ऋग्वेद का यह मंत्र हमें यह भी सिखाता है कि शासन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि नैतिक उत्तरदायित्व है। एक सच्चा शासक वही है जो आलोचना सुन सके, विद्वानों का सम्मान करे और सत्य को स्वीकार करने का साहस रखे। सूर्य की तरह प्रकाशमान नेतृत्व वही बनता है जो ज्ञान और चरित्र के मार्ग पर चलता है।

चंद्रशेखर जी की राजनीति में वैचारिक संघर्ष था, जनसंवाद था और राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उन्होंने सत्ता को लक्ष्य नहीं बल्कि समाज परिवर्तन का माध्यम माना। आज के दौर में जब राजनीति कई बार केवल चुनाव जीतने और सत्ता बचाने तक सीमित दिखाई देती है, तब ऐसे नेताओं की याद और अधिक प्रासंगिक हो जाती है।

देश का भविष्य केवल मजबूत सरकारों से नहीं बल्कि मजबूत विचारों से बनता है। और मजबूत विचार वहीं जन्म लेते हैं जहां विद्वानों, चिंतकों और सत्य बोलने वालों का सम्मान होता है। यदि राजनीति को फिर से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाना है, तो नेतृत्व को अपने आसपास ऐसे लोगों को स्थान देना होगा जो सच बोल सकें, भले वह कड़वा ही क्यों न हो।

ऋग्वेद का यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है राष्ट्र वही आगे बढ़ता है, जहां सत्ता के निकट ज्ञान, चरित्र और सत्य का प्रकाश जीवित रहता है।

लेखक पूर्व प्रधानमंत्री युवा तुर्क चंद्रशेखर के राजनैतिक सलाहकार रहे हैं।