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Friday, April 17, 2026
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माथुर वैश्य इंटरनेशनल कृष्णा क्लब द्वारा सुहागनगर स्थित राष्ट्रीय मूक-बधिर स्कूल में बच्चों के मनोरंजन हेतु कैरम बोर्ड प्रदान किए गए

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माथुर वैश्य इंटरनेशनल कृष्णा क्लब द्वारा सुहागनगर स्थित राष्ट्रीय मूक-बधिर स्कूल में बच्चों के मनोरंजन हेतु कैरम बोर्ड प्रदान किए गए। लगभग चालीस से पैंतालीस बच्चों की संख्या वाले इस विद्यालय में सभी बच्चे विशेष तरीके से शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्हें पढ़ाने, सिखाने और समझाने का तरीका बेहद अलग और सराहनीय है।

क्लब द्वारा कैरम प्रदान कर बच्चों की मानसिक सेहत का भी ध्यान रखा गया तथा उनके शारीरिक विकास की ओर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। साथ ही सभी बच्चों को फल वितरण कर क्लब के सभी सदस्यों ने अपना सहयोग दिया।

इस कार्यक्रम में क्लब की जोन चेयरपर्सन एमवी अल्का गुप्ता की उपस्थिति गौरवमयी रही। क्लब की अध्यक्ष रागिनी अमन गुप्ता ने ऐसे बच्चों के लिए समाज से अपील की कि वे उनकी अधिक से अधिक सहायता करें और उन्हें समाज में सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दें।

मंदिर का गेट गिरने से 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

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औरैया

जनपद के ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शेखूपुर में मंगलवार रात एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। मंदिर परिसर में खेल रहे बच्चों के बीच अचानक एक बड़ा हादसा हो गया, जब मंदिर का भारी लोहे का गेट दीवार सहित भरभराकर गिर पड़ा और उसकी चपेट में आकर एक मासूम की जान चली गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आठ वर्षीय कृष्णा उर्फ बेबू, जो इटावा जनपद के नगरिया सरावा गांव स्थित शांति पब्लिक स्कूल में कक्षा एक का छात्र था, अपने साथियों के साथ मंदिर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह मंदिर के गेट पर लटककर खेल रहा था, तभी अचानक दीवार समेत पूरा गेट गिर गया और कृष्णा मलबे के नीचे दब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
परिजनों व ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे को गंभीर हालत में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई पहुंचाया, जहां देर रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां नीलम और पिता रजनीश कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार मंदिर काफी पुराना है और करीब तीन वर्ष पहले इसकी बाउंड्री का निर्माण कराया गया था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर एक ई-रिक्शा द्वारा दीवार में टक्कर मार देने से वह पहले ही कमजोर हो गई थी। शाम को जब बच्चे वहां खेल रहे थे, तभी यह बड़ा हादसा हो गया।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर निर्माण की समय-समय पर जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

1.15 लाख श्रमिकों को बड़ी राहत, न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी लागू

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एटा

जनपद में श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी किए जाने के निर्णय से जिले के करीब 1.15 लाख श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला हाल ही में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के विरोध के बाद गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की मजदूरी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 12,356 रुपये कर दी गई है, जिससे उन्हें 1,043 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। वहीं अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,445 रुपये से बढ़ाकर 13,591 रुपये कर दी गई है, जिसमें 1,146 रुपये की वृद्धि हुई है। इसके अलावा कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,940 रुपये से बढ़ाकर 15,224 रुपये कर दी गई है, जो 1,284 रुपये की बढ़ोतरी दर्शाती है।
इस निर्णय से जहां एक ओर श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सरकार के मासिक व्यय में भी करीब 20.70 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। यह नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई हैं।
श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एटा जनपद में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या लगभग 1.15 लाख है, जिन्हें इस निर्णय का सीधा लाभ मिलेगा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजबाबू ने बताया कि सरकार ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया है, जिससे उन्हें महंगाई के दौर में राहत मिल सके।
शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में उद्योग जगत कई आर्थिक चुनौतियों जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, निर्यात में गिरावट और उत्पादन लागत में वृद्धि का सामना कर रहा है। इसके बावजूद सरकार ने श्रमिक हितों को प्राथमिकता देते हुए यह संतुलित निर्णय लिया है।
इस फैसले को श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ उनकी क्रय शक्ति भी बढ़ेगी।

ख़डी बाइक मे ट्रैक्टर की टक्कर से युवक की मौत

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देरी से पहुंची पुलिस ने शव को सीज कर पैर मोड़ सरकारी गाडी मे डाला

कमालगंज

थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने जहां एक युवक की जान ले ली, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिन जाटव (उम्र लगभग 19 वर्ष), पुत्र राम खिलाड़ी, निवासी निनोरा श्रंखलापुर, की नारायणपुर गढ़िया स्थित देसी शराब ठेके के पास एक ट्रैक्टर की टक्कर से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधान हैप्पी कटियार के ट्रैक्टर ने सड़क किनारे खड़ी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर मौजूद सचिन जाटव इसकी चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने बिना विधिवत पंचनामा भरे ही शव को जल्दबाजी में सील कर अपने सरकारी वाहन में पैर मोड कर रख लिया और बिना किसी ठोस पूछताछ या मौके की जांच किए ही वहां से रवाना हो गई। इस रवैये को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इतने गंभीर हादसे के बावजूद पुलिस द्वारा मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन न करना बेहद चिंताजनक है। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

पति को छोड़ प्रेमी संग बसा लिया घर, दो साल बाद नवजात बच्ची के साथ बरामद हुई विवाहिता

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मैनपुरी। हरियाणा के पलवल जनपद से करीब दो वर्षों से लापता चल रही एक विवाहिता को पुलिस ने आखिरकार उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के कुसमरा कस्बे से बरामद कर लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि विवाहिता यहां अपने प्रेमी के साथ पति-पत्नी की तरह रह रही थी और उसके पास से महज 10 दिन की एक नवजात बच्ची भी मिली है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के थाना पटियाली क्षेत्र की निवासी नीतू की शादी अवधेश नामक युवक से हुई थी। शादी के बाद दोनों हरियाणा के पलवल में रहकर एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे थे, जिससे उनका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान उसी कंपनी में कार्यरत मैनपुरी जिले के थाना किशनी क्षेत्र के कुसमरा निवासी सनी से नीतू की मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्रेम संबंध में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि 2 फरवरी 2024 को नीतू अचानक अपने पति अवधेश को छोड़कर प्रेमी सनी के साथ चली गई। घटना के बाद पति अवधेश ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उसने पलवल के थाना कैंप में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस लगातार नीतू और उसके प्रेमी की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन दोनों का कोई ठोस पता नहीं चल पा रहा था।
करीब दो साल तक चले इस घटनाक्रम के बाद हाल ही में पलवल पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नीतू मैनपुरी के कुसमरा कस्बे में अपने प्रेमी सनी के घर पर रह रही है। सूचना मिलते ही थाना कैंप पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस के सहयोग से बुधवार सुबह करीब 11 बजे कुसमरा में दबिश दी। पुलिस टीम ने सटीक लोकेशन के आधार पर सनी के घर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया।
छापेमारी के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को चौंका दिया। पुलिस ने पाया कि नीतू और सनी पिछले करीब दो वर्षों से एक साथ पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। इतना ही नहीं, इस दौरान नीतू ने एक बच्ची को जन्म दिया, जो अभी केवल 10 दिन की है। नवजात बच्ची को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और पूरे मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक कार्रवाई की गई।
पुलिस ने महिला और युवक से पूछताछ शुरू कर दी है, जिसमें कई अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। थाना कैंप प्रभारी रंजीत सिंह ने बताया कि आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को पलवल ले जाया गया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि महिला के बयान और परिस्थितियों के आधार पर आगे की धाराएं तय की जाएंगी।
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद कुसमरा और आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं और सामाजिक दृष्टिकोण से भी इसे गंभीरता से देखा जा रहा है। वहीं, पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।

अनियंत्रित स्कूल बस बनी मौत का कारण, गोलगप्पे खा रहे लोगों को रौंदा एक की मौत, दर्जनभर घायल

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मैनपुरी

जनपद के भोगांव कस्बे में बुधवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया, जब एक अनियंत्रित स्कूल बस अचानक सड़क किनारे खड़े और गोलगप्पे खा रहे लोगों पर चढ़ गई। तेज रफ्तार और नियंत्रण खो चुकी बस नगर के रामलीला रोड चौराहे पर टिन शेड को तोड़ते हुए सीधे लोगों की भीड़ में जा घुसी और फिर पास ही बने नाले में गिर गई। इस भयावह हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना बुधवार शाम करीब 6 बजे की है, जब कुरावली की ओर से आ रही एक स्कूल बस पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) कार्यालय के पास पहुंचते ही अचानक अनियंत्रित हो गई। बस चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस तेज रफ्तार में नगर पंचायत द्वारा लगाए गए टिन शेड को तोड़ते हुए सड़क किनारे लगे ठेलों की ओर बढ़ गई, जहां कई लोग गोलगप्पे खा रहे थे। देखते ही देखते बस ने वहां मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
हादसे में गिहार कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय गौरव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा अवंतीबाई नगर निवासी पिंटू (गोलगप्पा विक्रेता), आलीपुर खेड़ा निवासी सोनू, मोहम्मद सईद निवासी सुमित व संजू, मिश्राना निवासी अंबरीश दुबे, एटा जिले के सकीट थाना क्षेत्र के भगवतपुर निवासी बृजेश सहित कई अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को स्थानीय अस्पताल और जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही थाना भोगांव प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। नाले में गिरी बस को निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई। साथ ही क्षतिग्रस्त टिन शेड को हटाकर यातायात को सुचारू कराया गया। हादसे के चलते करीब एक घंटे तक क्षेत्र में अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बनी रही।
गनीमत यह रही कि जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त बस में कोई स्कूली बच्चे सवार नहीं थे, अन्यथा यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। फिलहाल पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।