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Friday, April 17, 2026
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लखनऊ: विकासनगर में लगी भीषड़ आग, 1200 झोपड़ियां जलकर राख, इलाकों में फैला धुआं

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लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के विकासनगर (Vikasnagar) सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे बस्ती अवैध बस्ती में बुधवार शाम करीब तीन या चार बजे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में धुआं फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया, वहीं सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद हैं और हालात को नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहे हैं। झोपड़ियों में रखे 100 के करीब गैस सिलिंडर भी फटे। आग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। बस्ती में बनी झोपड़ियों से लोग जान बचाकर भागने लगे। 22 दमकल की गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया जो रात 10 बजे तक चलता रहा।

आग से 50 के करीब मवेशियों के जिंदा जलने की सूचना है, पर इसकी पुष्टि नहीं हुई। कुछ बच्चे भी लापता है। पुलिस व प्रशासन बस्ती में सर्च ऑपरेशन चला रहा है। लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस व दमकल नहीं पहुंची और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नाराज लोगों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की भी हुई।

बस्ती में लगी आग देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। आसपास की दुकानें बंद कर दी गई। ट्रैफिक भी रुक गया। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने आग का भयानक रूप देखा अधिकारियों को इस बारे में खबर दी। देखते ही देखते पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी और 22 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।

बस्ती में लगी आग के चलते झोपड़ियों में रखे गैस सिलिंडर एक के बाद एक दगना शुरू हो गए। गैस सिलिंडरों के धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। बस्ती में रहने वाले लोगों का कहना है कि आग से दो गाय और करीब 50 बकरियां जिंदा जल गईं। फिलहाल मवेशियों के जलने की पुष्टि पुलिस व प्रशासन ने नहीं की है।

अग्निकांड की सूचना पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में सरकार खड़ी है। उन्होंने मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बुलाया एवं घटना में घायल हुए लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त, एसडीआरएफ एवं अन्य अधिकारियों के साथ इस घटना में बचाव कार्यों को लेकर विस्तृत वार्ता की और पीड़ित परिवारों के रहने व भोजन व्यवस्था के लिए आदेश दिया।

डीएम विशाख जी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर उन्होंने मौका मुआयना किया है। अग्निकांड की असल वजह फिलहाल पता नहीं लग सकी है। लिहाजा इसकी जांच मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सौंपी है। मौके पर पहुंची पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीम की ओर से पीड़ितों को पास के पार्क में एकत्र किया गया था। उनकी संख्या करीब 250 है।

पत्नी से अवैध संबंध के शक में दोस्त की हत्या, पहले जमकर पिलाई शराब फिर उतारा मौत के घाट

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बागपत: यूपी के बागपत (baghpat) जिले के सिनोली गांव में चाची के साथ अफेयर के कारण चाचा मंजीत ने रिश्ते के भतीजे मुकुल की गोली मारकर हत्या (murdered) करके लाश कुएं में फेंक दी। मंजीत ने अपने बूढ़पुर गांव के भांजे के साथ मिलकर मुकुल को घर से बुलाया था। इसके बाद वे मुकुल को खेत में ले गए, जहां उसे शराब पिलाई गई।

नशे की हालत में मंजीत ने मुकुल के सीने में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को 60 फीट गहरे कुएं में फेंककर आरोपी फरार हो गए थे। मंजीत ने पुलिस को बताया कि मुकुल अक्सर उसके घर आता था और उसकी पत्नी से बातचीत करता था। मंजीत को शक था कि मुकुल के उसकी पत्नी से अनैतिक संबंध थे। कई बार विरोध करने के बावजूद मुकुल नहीं माना, जिससे मंजीत ने उसकी हत्या की योजना बनाई। इसी शक के चलते उसने अपने भांजे के साथ मिलकर मुकुल को मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस उपाधीक्षक अंशु जैन ने बताया कि मुकुल 12 अप्रैल से लापता था। उसके भाई नकुल ने गुमशुदगी की तहरीर दी थी, जिसमें मंजीत पर शक जताया गया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी मंजीत ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह मुकुल को बहला-फुसलाकर राजपाल के खेत पर ले गया, वहां उसे शराब पिलाई और जब मुकुल नशे की हालत में हो गया, तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए शव और मुकुल का मोबाइल कुएं में फेंक दिया गया।

आतंकी साजिश के सिलसिले में दो और गिरफ्तार, कुल पकड़े गए लोगों की संख्या 7

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बिजनौर: बिजनौर पुलिस ने कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों (alleged anti-national activities) के सिलसिले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे आतंकी (terror) संबंधों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार संदिग्धों की कुल संख्या सात हो गई है। बुधवार को नांगल पुलिस ने नजीबाबाद निवासी समीर उर्फ ​​रूहान को गिरफ्तार किया, जबकि किरतपुर पुलिस ने जैसलमेर के दादुदेवाला निवासी राजू राम गोदारा को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों के अनुसार, समीर एक इंस्टाग्राम वीडियो कॉल में शामिल था, जिसमें मेरठ निवासी और वर्तमान में सऊदी अरब में रह रहे आकिब ने कथित तौर पर एके-47 राइफल और हथगोले दिखाए थे। इससे पहले, इसी वीडियो कॉल में शामिल होने के आरोप में दो अन्य व्यक्तियों – उवैद और जलाल हैदर – को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच, सौफ्तापुर निवासी माजुल और आकिब के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह समूह कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और रेलवे संचालन में बाधा डालने के उद्देश्य से गतिविधियों में शामिल था।

एक अलग मामले में, राजू राम गोदारा को 4 मार्च को किरतपुर में हुई एक घटना में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एक कार पर धार्मिक प्रतीकों की पहचान होने के बाद उसे आग लगा दी गई थी। पुलिस ने इससे पहले 12 मार्च को किरतपुर निवासी अबुजर रेन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने मुंबई में रहने वाले अपने चचेरे भाई जैद के निर्देश पर वाहन में आग लगाई थी। इस कृत्य को अंजाम देने के बाद, अबुजर ने कथित तौर पर जैद को तस्वीरें और वीडियो भेजे थे।

जांच में आगे पता चला कि हिंदू समुदाय के सदस्यों के वाहनों और संपत्तियों को निशाना बनाने के कार्य कथित तौर पर अबू बक्र नामक व्यक्ति द्वारा संचालित एक टेलीग्राम समूह के माध्यम से सौंपे जाते थे, जो आर्थिक इनाम का भी वादा करता था। पुलिस ने जैद और एक अन्य आरोपी मन्नान को भी किरतपुर के लुकमानपुरा से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पाकिस्तानी संबंध की संभावना जताई गई है।

अधिकारियों ने दो पाकिस्तानी फोन नंबर बरामद किए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनका इस्तेमाल विभिन्न समूहों को निर्देश जारी करने के लिए किया गया था। पुलिस का कहना है कि व्यापक उद्देश्य सांप्रदायिक द्वेष फैलाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और रेलवे नेटवर्क को बाधित करना प्रतीत होता है।
आगे की जांच जारी है।

निर्माणाधीन पानी की टंकी में मिला कंकाल, डीएनए जांच के लिए मथुरा भेजा गया सैंपल

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औरैया

अयाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन पानी की टंकी के अंदर एक कंकाल मिलने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार महारतपुर गांव निवासी जितेंद्र, जो जल निगम द्वारा बनाई जा रही पानी की टंकी पर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है, सोमवार शाम को नियमित रूप से पानी की आपूर्ति चालू करने के लिए टंकी पर गया था। इस दौरान वॉल्व में तकनीकी समस्या आने पर वह टंकी के ऊपर चढ़कर जांच करने लगा। तभी उसकी नजर टंकी के अंदर पड़े एक कंकाल पर पड़ी, जिसे देखकर वह घबरा गया। उसने तुरंत इसकी सूचना गांव के लोगों और पुलिस को दी।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तरह-तरह की आशंकाएं जताने लगे। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह किसी व्यक्ति का शव हो सकता है, जिसकी टंकी में डूबकर मौत हो गई हो और समय के साथ शव सड़कर कंकाल में बदल गया हो।
मामले की सूचना पर पहुंचे थाना अयाना के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश पाल ने मौके का निरीक्षण किया और कंकाल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में कंकाल के बालों की बनावट के आधार पर यह बंदर का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, किसी भी प्रकार की पुष्टि से पहले पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने का निर्णय लिया है।
पुलिस द्वारा कंकाल के बालों का सैंपल एकत्र कर डीएनए जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कंकाल इंसान का है या किसी जानवर का। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सके।

माथुर वैश्य इंटरनेशनल कृष्णा क्लब द्वारा सुहागनगर स्थित राष्ट्रीय मूक-बधिर स्कूल में बच्चों के मनोरंजन हेतु कैरम बोर्ड प्रदान किए गए

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माथुर वैश्य इंटरनेशनल कृष्णा क्लब द्वारा सुहागनगर स्थित राष्ट्रीय मूक-बधिर स्कूल में बच्चों के मनोरंजन हेतु कैरम बोर्ड प्रदान किए गए। लगभग चालीस से पैंतालीस बच्चों की संख्या वाले इस विद्यालय में सभी बच्चे विशेष तरीके से शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्हें पढ़ाने, सिखाने और समझाने का तरीका बेहद अलग और सराहनीय है।

क्लब द्वारा कैरम प्रदान कर बच्चों की मानसिक सेहत का भी ध्यान रखा गया तथा उनके शारीरिक विकास की ओर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। साथ ही सभी बच्चों को फल वितरण कर क्लब के सभी सदस्यों ने अपना सहयोग दिया।

इस कार्यक्रम में क्लब की जोन चेयरपर्सन एमवी अल्का गुप्ता की उपस्थिति गौरवमयी रही। क्लब की अध्यक्ष रागिनी अमन गुप्ता ने ऐसे बच्चों के लिए समाज से अपील की कि वे उनकी अधिक से अधिक सहायता करें और उन्हें समाज में सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग दें।

मंदिर का गेट गिरने से 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

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औरैया

जनपद के ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शेखूपुर में मंगलवार रात एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। मंदिर परिसर में खेल रहे बच्चों के बीच अचानक एक बड़ा हादसा हो गया, जब मंदिर का भारी लोहे का गेट दीवार सहित भरभराकर गिर पड़ा और उसकी चपेट में आकर एक मासूम की जान चली गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आठ वर्षीय कृष्णा उर्फ बेबू, जो इटावा जनपद के नगरिया सरावा गांव स्थित शांति पब्लिक स्कूल में कक्षा एक का छात्र था, अपने साथियों के साथ मंदिर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह मंदिर के गेट पर लटककर खेल रहा था, तभी अचानक दीवार समेत पूरा गेट गिर गया और कृष्णा मलबे के नीचे दब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
परिजनों व ग्रामीणों ने तत्काल बच्चे को गंभीर हालत में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई पहुंचाया, जहां देर रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां नीलम और पिता रजनीश कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार मंदिर काफी पुराना है और करीब तीन वर्ष पहले इसकी बाउंड्री का निर्माण कराया गया था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर एक ई-रिक्शा द्वारा दीवार में टक्कर मार देने से वह पहले ही कमजोर हो गई थी। शाम को जब बच्चे वहां खेल रहे थे, तभी यह बड़ा हादसा हो गया।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुराने और जर्जर निर्माण की समय-समय पर जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।