एटा
जनपद में श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी किए जाने के निर्णय से जिले के करीब 1.15 लाख श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। यह फैसला हाल ही में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के विरोध के बाद गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की मजदूरी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 12,356 रुपये कर दी गई है, जिससे उन्हें 1,043 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। वहीं अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 12,445 रुपये से बढ़ाकर 13,591 रुपये कर दी गई है, जिसमें 1,146 रुपये की वृद्धि हुई है। इसके अलावा कुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,940 रुपये से बढ़ाकर 15,224 रुपये कर दी गई है, जो 1,284 रुपये की बढ़ोतरी दर्शाती है।
इस निर्णय से जहां एक ओर श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सरकार के मासिक व्यय में भी करीब 20.70 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। यह नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई हैं।
श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एटा जनपद में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या लगभग 1.15 लाख है, जिन्हें इस निर्णय का सीधा लाभ मिलेगा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजबाबू ने बताया कि सरकार ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया है, जिससे उन्हें महंगाई के दौर में राहत मिल सके।
शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में उद्योग जगत कई आर्थिक चुनौतियों जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, निर्यात में गिरावट और उत्पादन लागत में वृद्धि का सामना कर रहा है। इसके बावजूद सरकार ने श्रमिक हितों को प्राथमिकता देते हुए यह संतुलित निर्णय लिया है।
इस फैसले को श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ उनकी क्रय शक्ति भी बढ़ेगी।


