भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का जो संकल्प लिया है, वह जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही कठिन और चुनौतीपूर्ण भी है। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा केवल योजनाओं और भाषणों से पूरी नहीं होगी, बल्कि इसके लिए देश को अपनी कार्यशैली, शिक्षा व्यवस्था और सोच—तीनों में व्यापक बदलाव लाना होगा।
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में टाटा संस के अध्यक्ष एन . चन्द्रसेकरण की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि अब देश में उद्योग और शिक्षा के बीच तालमेल बनाने की कोशिश हो रही है। यह एक सकारात्मक पहल है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह प्रयास जमीन तक पहुंचेगा या केवल मंचों तक सीमित रह जाएगा।
आज सबसे अधिक चर्चा नई तकनीकों की हो रही है। यह सही भी है, क्योंकि बिना तकनीक के कोई भी देश विकास की दौड़ में आगे नहीं बढ़ सकता। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि तकनीक केवल साधन है, लक्ष्य नहीं। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ नहीं पहुंचेगा, तब तक विकास अधूरा ही रहेगा।
सबसे बड़ी चुनौती गांव और शहर के बीच की खाई है। शहरों में जहां नई सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं, वहीं ग्रामीण भारत आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। किसान, जिसे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है, आज भी मौसम, बाजार और संसाधनों की अनिश्चितता से जूझ रहा है। यदि उसे सही जानकारी और साधन मिलें, तो वही किसान देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
कार्यक्रम में किसानों और छात्रों को सम्मानित करना निश्चित रूप से सराहनीय कदम है, लेकिन इससे आगे बढ़कर यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें निरंतर अवसर और संसाधन भी मिलें। केवल सम्मान से विकास नहीं होता, उसके लिए निरंतर सहयोग और नीति की स्पष्टता आवश्यक है।
शिक्षा की बात करें तो आज भी हमारे अधिकांश संस्थान केवल डिग्री देने तक सीमित हैं। छात्रों को नौकरी के लिए तैयार किया जाता है, लेकिन उन्हें नया सोचने, नया करने और जोखिम उठाने की प्रेरणा बहुत कम मिलती है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक नवाचार केवल कुछ बड़े शहरों और चुनिंदा संस्थानों तक ही सीमित रहेगा।
विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब सरकार, उद्योग और समाज मिलकर काम करेंगे। सरकार नीतियां बनाए, उद्योग अवसर प्रदान करे और समाज उन अवसरों का सही उपयोग करे—यह संतुलन जरूरी है।
अंततः यह समझना होगा कि विकसित भारत केवल आर्थिक प्रगति का नाम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे समाज का निर्माण है जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले, हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और हर नागरिक अपने देश की प्रगति में भागीदार बने।
संकल्प लेना आसान है, लेकिन उसे जमीन पर उतारना कठिन। यदि भारत को सच में विकसित राष्ट्र बनना है, तो उसे तकनीक के साथ-साथ अपनी सोच, व्यवस्था और प्राथमिकताओं में भी बड़ा बदलाव लाना होगा। यही इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
विकसित भारत का सपना—तकनीक नहीं, सोच बदलने की असली चुनौती
CheQ और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भारत का पहला को-ब्रांडेड LED क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया
● एक अनोखा क्रेडिट कार्ड, जो LED-पावर्ड पेमेंट्स को रोजमर्रा के खर्चों पर एक सशक्त और एकीकृत रिवॉर्ड इकोसिस्टम के साथ जोड़ता है।
● यह कार्ड टैप-टू-पे के दौरान जलने वाली इन-बिल्ट LED से लैस है, जो POS टर्मिनल के NFC फील्ड से संचालित होकर तुरंत विज़ुअल कन्फर्मेशन देता है।
● नए दौर के ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किया गया, जो सहज ऑनबोर्डिंग और पेमेंट अनुभव की अपेक्षा रखते हैं।
● 28 अप्रैल, 2026 से CheQ ऐप पर आवेदन शुरू होंगे।
नई दिल्ली: भारत के अग्रणी क्रेडिट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म CheQ ने आज AU स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU SFB) भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ साझेदारी में CheQ AU क्रेडिट कार्ड के लॉन्च की घोषणा की। यह अपनी तरह का पहला को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड है, जिसका उद्देश्य पेमेंट को आसान बनाना, रिवॉर्ड्स को अधिकतम करना और भारत की बदलती खर्च करने की आदतों के अनुरूप एक समग्र क्रेडिट अनुभव प्रदान करना है। यह लॉन्च CheQ के क्रेडिट कार्ड इश्यूअंस इकोसिस्टम में प्रवेश का प्रतीक है, जो इसे केवल क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ाकर कार्ड इश्यूअंस और रिवॉर्ड्स-ड्रिवन कॉमर्स की ओर ले जाता है।
15 मिलियन से अधिक क्रेडिट कार्ड्स और 4 मिलियन यूज़र्स से प्राप्त इनसाइट्स पर आधारित, CheQ AU क्रेडिट कार्ड आज के क्रेडिट अनुभव में मौजूद प्रमुख खामियों को दूर करता है, जहाँ रिवॉर्ड्स बिखरे हुए हैं, रिडेम्पशन जटिल है और पारंपरिक कार्ड उपभोक्ता व्यवहार में आए बदलाव के अनुरूप विकसित नहीं हो पाए हैं।
CheQ AU क्रेडिट कार्ड भारत का पहला को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड है जिसमें LED-पावर्ड टैप इंटरैक्शन की सुविधा है। हर टैप के साथ, कार्ड में लगी इन-बिल्ट LED जल उठती है, जो बिना किसी बैटरी के, POS टर्मिनल के NFC फील्ड से संचालित होकर तुरंत विज़ुअल कन्फर्मेशन देती है। यह भुगतान प्रक्रिया को अधिक दिखाई देने योग्य, आधुनिक और आकर्षक बनाता है।
CheQ के फाउंडर और CEO, आदित्य सोनी ने कहा, “जिस चीज़ का लोग रोज़ इस्तेमाल करते हैं, उसमें, क्रेडिट कार्ड्स लंबे समय से लगभग अपरिवर्तित रहे हैं। CheQ में हमने इसी सोच को चुनौती देने का फैसला किया, वास्तविक यूज़र व्यवहार और समस्याओं पर गहराई से ध्यान केंद्रित करते हुए। यह कार्ड उसी सोच का स्वाभाविक विस्तार है, जिसे AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ मिलकर साकार किया गया है। LED भले ही एक छोटा बदलाव लगे, लेकिन इसके पीछे ऐसा सिस्टम है जो आज के खर्च करने के तरीकों के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है, जहाँ रिवॉर्ड्स सरल और वास्तव में उपयोगी हैं।”
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, MD एवं CEO, संजय अग्रवाल ने कहा, “CheQ के साथ AU SFB की यह साझेदारी हमारे कस्टमर-फर्स्ट बैंकिंग दर्शन को सार्थक नवाचार के ज़रिए आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इस LED क्रेडिट कार्ड के माध्यम से हम नए दौर के उच्च क्रेडिट-योग्य ग्राहकों को एक अलग और आकर्षक वैल्यू प्रपोज़िशन के साथ जोड़ रहे हैं, जो इनोवेशन, स्मार्ट रिवॉर्ड्स और डिज़ाइन में नए मानक स्थापित करता है।
जैसे-जैसे AU देशभर में अपनी मौजूदगी का विस्तार कर रहा है, हमारा फोकस डिजिटल रूप से सशक्त भारत के लिए ऐसे वर्ल्ड-क्लास फाइनेंशियल सॉल्यूशंस पेश करने पर है, जो सुलभ, प्रासंगिक और भविष्य के लिए तैयार हों।”
वास्तविक रिवॉर्ड्स, एक ही इकोसिस्टम नवाचार से आगे, CheQ AU क्रेडिट कार्ड वास्तविक ग्राहक मूल्य पर केंद्रित है। सभी रिवॉर्ड्स को CheQ ऐप के भीतर एक सिंगल, यूनिफाइड सिस्टम में लाया गया है, जिससे जटिलता और बिखराव समाप्त होता है। ग्राहक प्राप्त कर सकते हैं:
● Apple प्रोडक्ट्स (Unicorn द्वारा संचालित, ऑनलाइन एवं इन-स्टोर), Amazon, Flipkart, Zomato, BigBasket, CheQ Travel और CheQ के ज़रिए बिल पेमेंट पर 12% रिवॉर्ड्स
● फूड डिलीवरी, ऑनलाइन शॉपिंग, क्विक कॉमर्स और ट्रैवल जैसे रोज़मर्रा के खर्चों पर 5% रिवॉर्ड्स
● RuPay कार्ड के ज़रिए CheQ UPI स्पेंड्स पर 2.5% रिवॉर्ड्स
● अन्य सभी खर्चों पर 1% रिवॉर्ड्स
सभी रिवॉर्ड्स CheQ पॉइंट्स के रूप में अर्जित होते हैं एक सिंगल रिवॉर्ड्स करेंसी, जिसे CheQ इकोसिस्टम में कहीं भी आसानी से रिडीम किया जा सकता है। कार्डधारक 40 से अधिक प्रमुख भारतीय ब्रांड्स के गिफ्ट कार्ड्स के लिए पॉइंट्स रिडीम कर सकते हैं या CheQ Travel पर सीधे उपयोग कर सकते हैं। CheQ Travel, जो विशेष रूप से CheQ AU क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए उपलब्ध एक इंटीग्रेटेड ट्रैवल प्लेटफॉर्म है, ऐप के भीतर ही फ्लाइट और होटल बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है। इंस्टैंट रिडेम्पशन और लोएस्ट प्राइस गारंटी के साथ, CheQ Travel रोज़मर्रा के खर्च को अर्थपूर्ण ट्रैवल अनुभवों में बदलता है।
एक कार्ड, हर अनुभव के लिए CheQ AU क्रेडिट कार्ड को विभिन्न उपयोग मामलों के लिए सहज बनाया गया है, जिसमें शामिल हैं:
● ग्लोबल एक्सेप्टेंस और ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शंस के लिए Visa
● UPI और रोज़मर्रा के खर्चों के लिए RuPay
चाहे QR कोड स्कैन करना हो, ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या अगली यात्रा की योजना बनानी हो — एक ही कार्ड हर अनुभव को संभव बनाता है।
CheQ AU क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन 28 अप्रैल 2026 से CheQ ऐप पर शुरू होंगे। कार्ड का वार्षिक शुल्क ₹499 है, जो ₹3 लाख के वार्षिक खर्च पर रिवर्स किया जा सकता है। कार्डधारकों को ₹695 मूल्य की EazyDiner मेंबरशिप के रूप में वेलकम बेनेफिट भी मिलेगा। LED वर्ज़न वाले कार्ड के लिए ₹999 का एक अतिरिक्त वन-टाइम शुल्क लागू है, जिसे 31 मई 2026 तक CheQ ग्राहकों के लिए माफ किया गया है।
लखनऊ: विकासनगर में लगी भीषड़ आग, 1200 झोपड़ियां जलकर राख, इलाकों में फैला धुआं
लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के विकासनगर (Vikasnagar) सेक्टर-12 रिंग रोड किनारे बस्ती अवैध बस्ती में बुधवार शाम करीब तीन या चार बजे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में धुआं फैल गया और लोगों में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया, वहीं सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद हैं और हालात को नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहे हैं। झोपड़ियों में रखे 100 के करीब गैस सिलिंडर भी फटे। आग से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। बस्ती में बनी झोपड़ियों से लोग जान बचाकर भागने लगे। 22 दमकल की गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया जो रात 10 बजे तक चलता रहा।
आग से 50 के करीब मवेशियों के जिंदा जलने की सूचना है, पर इसकी पुष्टि नहीं हुई। कुछ बच्चे भी लापता है। पुलिस व प्रशासन बस्ती में सर्च ऑपरेशन चला रहा है। लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस व दमकल नहीं पहुंची और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नाराज लोगों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोकझोक और धक्का-मुक्की भी हुई।
बस्ती में लगी आग देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। आसपास की दुकानें बंद कर दी गई। ट्रैफिक भी रुक गया। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने आग का भयानक रूप देखा अधिकारियों को इस बारे में खबर दी। देखते ही देखते पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी और 22 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई।
बस्ती में लगी आग के चलते झोपड़ियों में रखे गैस सिलिंडर एक के बाद एक दगना शुरू हो गए। गैस सिलिंडरों के धमाके से पूरा इलाका दहल उठा। बस्ती में रहने वाले लोगों का कहना है कि आग से दो गाय और करीब 50 बकरियां जिंदा जल गईं। फिलहाल मवेशियों के जलने की पुष्टि पुलिस व प्रशासन ने नहीं की है।
अग्निकांड की सूचना पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में सरकार खड़ी है। उन्होंने मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बुलाया एवं घटना में घायल हुए लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त, एसडीआरएफ एवं अन्य अधिकारियों के साथ इस घटना में बचाव कार्यों को लेकर विस्तृत वार्ता की और पीड़ित परिवारों के रहने व भोजन व्यवस्था के लिए आदेश दिया।
डीएम विशाख जी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर उन्होंने मौका मुआयना किया है। अग्निकांड की असल वजह फिलहाल पता नहीं लग सकी है। लिहाजा इसकी जांच मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सौंपी है। मौके पर पहुंची पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीम की ओर से पीड़ितों को पास के पार्क में एकत्र किया गया था। उनकी संख्या करीब 250 है।
पत्नी से अवैध संबंध के शक में दोस्त की हत्या, पहले जमकर पिलाई शराब फिर उतारा मौत के घाट
बागपत: यूपी के बागपत (baghpat) जिले के सिनोली गांव में चाची के साथ अफेयर के कारण चाचा मंजीत ने रिश्ते के भतीजे मुकुल की गोली मारकर हत्या (murdered) करके लाश कुएं में फेंक दी। मंजीत ने अपने बूढ़पुर गांव के भांजे के साथ मिलकर मुकुल को घर से बुलाया था। इसके बाद वे मुकुल को खेत में ले गए, जहां उसे शराब पिलाई गई।
नशे की हालत में मंजीत ने मुकुल के सीने में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को 60 फीट गहरे कुएं में फेंककर आरोपी फरार हो गए थे। मंजीत ने पुलिस को बताया कि मुकुल अक्सर उसके घर आता था और उसकी पत्नी से बातचीत करता था। मंजीत को शक था कि मुकुल के उसकी पत्नी से अनैतिक संबंध थे। कई बार विरोध करने के बावजूद मुकुल नहीं माना, जिससे मंजीत ने उसकी हत्या की योजना बनाई। इसी शक के चलते उसने अपने भांजे के साथ मिलकर मुकुल को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस उपाधीक्षक अंशु जैन ने बताया कि मुकुल 12 अप्रैल से लापता था। उसके भाई नकुल ने गुमशुदगी की तहरीर दी थी, जिसमें मंजीत पर शक जताया गया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी मंजीत ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह मुकुल को बहला-फुसलाकर राजपाल के खेत पर ले गया, वहां उसे शराब पिलाई और जब मुकुल नशे की हालत में हो गया, तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए शव और मुकुल का मोबाइल कुएं में फेंक दिया गया।
आतंकी साजिश के सिलसिले में दो और गिरफ्तार, कुल पकड़े गए लोगों की संख्या 7
बिजनौर: बिजनौर पुलिस ने कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों (alleged anti-national activities) के सिलसिले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे आतंकी (terror) संबंधों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार संदिग्धों की कुल संख्या सात हो गई है। बुधवार को नांगल पुलिस ने नजीबाबाद निवासी समीर उर्फ रूहान को गिरफ्तार किया, जबकि किरतपुर पुलिस ने जैसलमेर के दादुदेवाला निवासी राजू राम गोदारा को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों के अनुसार, समीर एक इंस्टाग्राम वीडियो कॉल में शामिल था, जिसमें मेरठ निवासी और वर्तमान में सऊदी अरब में रह रहे आकिब ने कथित तौर पर एके-47 राइफल और हथगोले दिखाए थे। इससे पहले, इसी वीडियो कॉल में शामिल होने के आरोप में दो अन्य व्यक्तियों – उवैद और जलाल हैदर – को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच, सौफ्तापुर निवासी माजुल और आकिब के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह समूह कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और रेलवे संचालन में बाधा डालने के उद्देश्य से गतिविधियों में शामिल था।
एक अलग मामले में, राजू राम गोदारा को 4 मार्च को किरतपुर में हुई एक घटना में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एक कार पर धार्मिक प्रतीकों की पहचान होने के बाद उसे आग लगा दी गई थी। पुलिस ने इससे पहले 12 मार्च को किरतपुर निवासी अबुजर रेन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने मुंबई में रहने वाले अपने चचेरे भाई जैद के निर्देश पर वाहन में आग लगाई थी। इस कृत्य को अंजाम देने के बाद, अबुजर ने कथित तौर पर जैद को तस्वीरें और वीडियो भेजे थे।
जांच में आगे पता चला कि हिंदू समुदाय के सदस्यों के वाहनों और संपत्तियों को निशाना बनाने के कार्य कथित तौर पर अबू बक्र नामक व्यक्ति द्वारा संचालित एक टेलीग्राम समूह के माध्यम से सौंपे जाते थे, जो आर्थिक इनाम का भी वादा करता था। पुलिस ने जैद और एक अन्य आरोपी मन्नान को भी किरतपुर के लुकमानपुरा से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में पाकिस्तानी संबंध की संभावना जताई गई है।
अधिकारियों ने दो पाकिस्तानी फोन नंबर बरामद किए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनका इस्तेमाल विभिन्न समूहों को निर्देश जारी करने के लिए किया गया था। पुलिस का कहना है कि व्यापक उद्देश्य सांप्रदायिक द्वेष फैलाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और रेलवे नेटवर्क को बाधित करना प्रतीत होता है।
आगे की जांच जारी है।
निर्माणाधीन पानी की टंकी में मिला कंकाल, डीएनए जांच के लिए मथुरा भेजा गया सैंपल
औरैया
अयाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन पानी की टंकी के अंदर एक कंकाल मिलने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार महारतपुर गांव निवासी जितेंद्र, जो जल निगम द्वारा बनाई जा रही पानी की टंकी पर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है, सोमवार शाम को नियमित रूप से पानी की आपूर्ति चालू करने के लिए टंकी पर गया था। इस दौरान वॉल्व में तकनीकी समस्या आने पर वह टंकी के ऊपर चढ़कर जांच करने लगा। तभी उसकी नजर टंकी के अंदर पड़े एक कंकाल पर पड़ी, जिसे देखकर वह घबरा गया। उसने तुरंत इसकी सूचना गांव के लोगों और पुलिस को दी।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तरह-तरह की आशंकाएं जताने लगे। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यह किसी व्यक्ति का शव हो सकता है, जिसकी टंकी में डूबकर मौत हो गई हो और समय के साथ शव सड़कर कंकाल में बदल गया हो।
मामले की सूचना पर पहुंचे थाना अयाना के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश पाल ने मौके का निरीक्षण किया और कंकाल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में कंकाल के बालों की बनावट के आधार पर यह बंदर का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, किसी भी प्रकार की पुष्टि से पहले पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने का निर्णय लिया है।
पुलिस द्वारा कंकाल के बालों का सैंपल एकत्र कर डीएनए जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कंकाल इंसान का है या किसी जानवर का। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी हुई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सके।








