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Thursday, April 16, 2026
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रंगदारी मांगते हुए दुकान बंद कराने की धमकी, व्यापारी ने पुलिस से लगाई गुहार

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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ क्षेत्र में एक व्यापारी से रंगदारी मांगने और दुकान बंद कराने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सेनापति स्ट्रीट निवासी पराग अग्रवाल ने दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके बड़े भाई अनुराग अग्रवाल, जो अग्रवाल बुक डिपो के प्रोपराइटर हैं, की फतेहगढ़ में आईसीआईसीआई बैंक के सामने किताबों की दुकान है। यह दुकान वक्फ बोर्ड की भूमि पर स्थित है और पांच वर्ष के रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के तहत संचालित हो रही है, जिसके मुतवल्ली अरसाद खां बताए गए हैं।
पीड़ित के अनुसार दुकान का किराया हर महीने नियमित रूप से यूनियन बैंक में जमा किया जाता है, जिसका भुगतान 13 अप्रैल 2026 को भी किया गया। आरोप है कि अरसाद खां के कहने पर उनके कर्मचारी किराया लेने आते रहे हैं।
पराग अग्रवाल ने बताया कि 15 अप्रैल की रात करीब 9:40 बजे अरवाज खां नामक व्यक्ति उनकी दुकान पर आया, उस समय वह दुकान की नकदी का हिसाब कर रहे थे। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि “कल से दुकान मत खोलना, अगर दुकान खोली तो जान से मार देंगे।” साथ ही 20 हजार रुपये की रंगदारी की मांग भी की गई।
इस घटना के बाद व्यापारी और उनका परिवार भयभीत है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फतेहगढ़ डाक बंगले में मधुमक्खियों का हमला, तीन कर्मचारी गंभीर रूप से घायल

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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित डाक बंगले में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। इस अप्रत्याशित घटना में तीन कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य कई लोग भी मधुमक्खियों की चपेट में आकर घायल हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र निवासी जमाल पुत्र सगीर, जो डाक बंगले में क्लीनर के पद पर तैनात हैं, अपने साथियों चौकीदार मनोज पुत्र रामसेवक और सफाई कर्मचारी राजकुमार पुत्र राम भरोसे के साथ रोजमर्रा का कार्य कर रहे थे। तभी अचानक एक बाज ने पास ही लगे मधुमक्खियों के छत्ते पर हमला कर दिया, जिससे छत्ता बिखर गया और गुस्साई मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।
देखते ही देखते पूरा परिसर मधुमक्खियों के झुंड से घिर गया, जिससे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। बचने के प्रयास में कई लोग इधर-उधर भागते नजर आए, लेकिन तीन कर्मचारी मधुमक्खियों के हमले का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। गंभीर अवस्था में जमाल, मनोज और राजकुमार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टर दीपक तिवारी ने उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें निगरानी में रखा गया है।
इस घटना के बाद डाक बंगले परिसर में दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिसर में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उरई में उमड़ा नीला समंदर, बाबा साहेब की जयंती पर जीआईसी मैदान में रचा गया इतिहास

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संविधान शिल्पी के जयघोष से गुंजायमान हुआ उरई जालौन; ‘भीम भोज’ में हजारों ने एक साथ चखा समरसता का स्वाद, झांकियों ने मोहा मन

​उरई (जालौन)। बुंदेलखंड की धरती और उरई के हृदय स्थल जीआईसी मैदान ने मंगलवार को एक नया इतिहास बनते देखा। भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती जनपद में केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति के रूप में मनाई गई। बहुजन नायक / महानायक जन्मोत्सव आयोजन संयुक्त समिति के बैनर तले आयोजित इस भव्य महोत्सव में जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि शहर की सड़कें नीली पगड़ियों और बाबा साहेब के जयकारों से पट गईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजी.केके भास्कर की है।

​समरसता का संदेश: ‘भीम भोज’ में मिटा भेदभाव

​कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक समरसता की एक ऐसी मिसाल के साथ हुई, जिसने पूरे जनपद का ध्यान खींचा। अम्बेडकर चौराहे पर आयोजित ‘भीम भोज’ में हजारों की संख्या में लोगों ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर जलपान किया। रात्रि भीम भोज की कमान नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चौधरी एवं उनके पुत्र विजय चौधरी के स्वजन्य से संचालित हुई, जहाँ देर रात तक सेवा और सद्भाव का संगम दिखाई पूरा माहौल ‘जय भीम’ के नारों से सराबोर रहा।

​नगर में निकली मनमोहक झांकियां

​शहर के प्रत्येक मोहल्ले से निकलीं भव्य और जीवंत झांकियों ने उरई वासियों का मन मोह लिया। दलगंजन चौराहा, बजरिया, घंटाघर और शहीद भगत सिंह चौराहे से होते हुए जब यह गौरव यात्रा गुजरी, तो बाबा साहेब के जीवन दर्शन को देख अनुयायी भाव-विभोर हो उठे। आयोजन समिति की विशेष टोलियों ने पूरी यात्रा के दौरान कड़ा अनुशासन बनाए रखा। शोभायात्रा के दौरान जगह जगह जलपान एवं फूल मालाओं से स्वागत किया गया।

​वैचारिक मंच से गूंजा—’शिक्षित बनो, संगठित रहो’

​जीआईसी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में वक्ताओं ने वर्तमान दौर में संविधान की रक्षा को सबसे बड़ी चुनौती बताया। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील मौर्या ने ओजस्वी स्वर में कहा कि बाबा साहेब ने केवल अधिकार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की चाबी हमें सौंपी है। वहीं, जेएनयू अध्यक्ष नीतेश कुमार ने युवाओं से वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आह्वान किया। प्रो. बृजेन्द्र सिंह बौद्ध ने दो टूक कहा कि जब तक समाज वैचारिक रूप से एक सूत्र में नहीं बंधेगा, तब तक संघर्ष अधूरा है।

​नन्हे कलाकारों ने बिखेरा जादू

​सांस्कृतिक संध्या में जहाँ हिमांशी सिंह, दीपेंद्र कुमार गौतम और अजय गौतम महाराज के गीतों ने जोश भरा, वहीं नन्हे कलाकारों—प्रिया गौतम, निहारिका सिंह, काव्या गौतम, सार्थक शिरोमणि, कृतिका गौतम और अवन्या सिंह ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। कार्यक्रम में दिवगंत महेंद्र पाल सिंह, एवं किरन चौधरी ​पत्नी सुंदर शास्त्री, को बहुजन समाज में उत्कृष्ट कार्य के लिए उनके परिजनों को मरणोपरांत आयोजक टीम ने सम्मानित किया।इस ऐतिहासिक अवसर पर पूर्व सांसद बृजलाल ख़ाबरी, पूर्व विधायक कौशल किशोर, ऊषा दोहरे (पूर्व महानिदेशक, स्वस्थ्य), सूरज सिंह कुशवाहा, आरपी कुशवाहा, नाथूराम बौद्ध, आत्माराम फौजी, संतराम कुशवाहा, महेंद्र नाथ भारती, शंभू दयाल, राजू अहिरवार, रामशरण जाटव, डॉ कृष्ण गोपाल, कमल दोहरे, श्याम प्रकाश,बृजमोहन उर्फ बबलू अहिरवार, ई. ई. दीपक वर्मा, कुलदीप बौद्ध, अलीम खान, अतुल अहिरवार, महेंद्र भाटिया, हरचरण ताहर पुरी, ई. जितेंद्र नाथ भारती, वीरपाल सिंह उर्फ बब्लू, बृजेश जाटव, कुसुमा देवी, राजकुमार चौधरी, राजेंद्र चौधरी (जमुना पैलेस), राम अचल कुरील, संजय गौतम, धीरेन्द्र चौधरी, जितेंद्र दयालु, गुलाब बाबू जी, अशोक राठौर, मनमोहन कुशवाहा और जयप्रकाश गौतम, सुशील राजपूत, शत्रुघ्न सिंह राजपूत, सुशील चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यक्रम में नगर के समस्त झांकी प्रभारी, स्वास्थ शिविर की डॉक्टर्स टीम एवं मीडिया कर्मियों को सम्मानित किया गया। मंच संचालन पुनीत कुमार भारती और राम अवतार सिंह गौतम ने किया। ​समारोह के महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में महेंद्र सिंह दोहरे, प्रवेंद्र पाल सिंह, रमाकांत दोहरे, किशन बाबू, सुधाकर राव गौतम, दीपक गौतम, अवधेश गौतम, भगवती शरण पांचाल, विजय रत्न, सुंदर सिंह शास्त्री, राजेंद्र सिंह पाल, राजेंद्र सिंह, रामप्रकाश गौतम, संत कुमार शिरोमणि, दीपशिखा श्रीवास, अनुराधा कठेरिया, अमर सिंह, प्रवेश प्रखर, कमल सिंह दोहरे, गजेंद्र सिंह, राम अवतार गौतम बीजापुर सहित समाज के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।

भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C के पार, कई जिलों में लू का अलर्ट, वन्यजीवों के लिए खास इंतजाम

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लखनऊ
प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल में ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो गया। कुल 16 जिलों में तापमान 40°C या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि कई स्थानों पर लू जैसे हालात बन गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, सबसे अधिक गर्मी बांदा में दर्ज की गई, जहां पारा 44.8°C तक पहुंच गया। इसके अलावा प्रयागराज में 43°C, वाराणसी में 42.8°C, झांसी में 41.4°C और सुल्तानपुर में 41.3°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है, जबकि सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखा जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लखनऊ स्थित मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने से अगले 4–5 दिनों में तापमान 3 से 6 डिग्री तक और बढ़ सकता है, जिससे कई जिलों में पारा 45°C तक पहुंचने की आशंका है।

भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखने लगा है। कानपुर चिड़ियाघर में जानवरों को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गैंडों के लिए कीचड़ का तालाब बनाया गया है, जिससे वे शरीर को ठंडा रख सकें। वहीं शेर और हिरण जैसे जानवरों पर पानी की फुहारें (स्प्रिंकलर) डाली जा रही हैं ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके।

फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और स्वास्थ्य विभाग को हीटवेव से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

सचेंडी में ड्रोन से बड़ी कार्रवाई: गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार

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कानपुर
सचेंडी कस्बे में बुधवार देर शाम पुलिस ने हाईटेक तरीके से बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करों के ठिकाने पर छापा मारा। इस ऑपरेशन में तीन ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की गई और करीब 70 पुलिसकर्मियों ने इलाके को चारों तरफ से घेरकर तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

पुलिस ने दौड़ाकर सात महिलाओं समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार लोगों में माया गिहार, करिश्मा गिहार, दीपा और इंद्रपाल गिहार शामिल हैं। इनके पास से 3.3 किलो गांजा और लगभग 92 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार सचेंडी थाने से कुछ ही दूरी पर लंबे समय से चल रहा था। एडीसीपी क्राइम सुमित रामटेके और ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में ड्रोन की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे कई लोग भागते हुए कैमरे में कैद हो गए।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पान मसाला की गुमटियों की आड़ में गांजा बेचने का काम कर रहे थे। छोटे-छोटे पैकेट यानी पुड़िया बनाकर करीब 50 रुपये में बिक्री की जा रही थी, और रोजाना बड़ी मात्रा में इसकी सप्लाई की जाती थी।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी गिरोह की सप्लाई लाइन मध्य प्रदेश और स्थानीय इलाकों तक फैली हो सकती है। पुलिस ने साफ किया है कि ड्रोन और तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे अवैध कारोबारों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बुलडोजर कार्रवाई: सरकारी जमीन पर बने ईदगाह और इमामबाड़े को किया गया ध्वस्त

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संभल
गुरुवार सुबह एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर ऐक्शन देखने को मिला। संभल कोतवाली क्षेत्र के बिछोली गांव में ईदगाह और इमामबाड़े पर भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में कार्रवाई की गई, जहां बुलडोजरों से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई करीब सात बीघा चारागाह भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई है। आरोप है कि इसी सरकारी जमीन पर ईदगाह और इमामबाड़ा का निर्माण किया गया था। मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद लेखपाल ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दाखिल की थी।

इसके बाद 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित किया गया, जिसमें कब्जेदारों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। हालांकि तय समय सीमा में कोई भी पक्ष सामने नहीं आया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

गुरुवार सुबह एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान इलाके में कई थानों की पुलिस और एक कंपनी पीएसी तैनात रही ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जब पहले कब्जा हटाने के लिए समय दिया गया था, तब निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद नियमों के तहत बुलडोजर कार्रवाई करते हुए अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस निगरानी जारी है।