191 नावों की होगी तैनाती, राहत एवं बचाव कार्यों की व्यापक योजना
फर्रुखाबाद। मानसून की दस्तक के साथ ही जिला प्रशासन संभावित बाढ़ को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गंगा और रामगंगा नदियों के किनारे बसे क्षेत्रों में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की चुनौती को देखते हुए इस बार पहले से ही व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए संवेदनशील गांवों की पहचान कर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
जिले के गंगा पार क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कुल 77 अतिसंवेदनशील तथा 112 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया है। इन गांवों में लगातार निगरानी रखी जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। सदर तहसील में 30, कायमगंज तहसील में 54 तथा अमृतपुर तहसील में 107 नावों एवं नाविकों की तैनाती की जाएगी। इस प्रकार जिले में कुल 191 नावों के माध्यम से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य संचालित किए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते राहत पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने तथा आपदा के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, पुलिस तथा आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि गंगा और रामगंगा के तटीय क्षेत्रों में हर वर्ष जलस्तर बढ़ने के साथ कई गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में जिला प्रशासन इस बार पहले से तैयारी कर संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की रणनीति पर काम कर रहा है। प्रशासन का दावा है कि किसी भी आपात परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।
बाढ़ से निपटने की तैयारी में जुटा प्रशासन, 189 गांवों पर विशेष नजर


