नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के इतिहास में मंगलवार का दिन एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और बुधवार से वह भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यकाल पूरा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
वर्ष 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता संभालते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने इसे सुशासन, विकास और जनविश्वास की जीत बताते हुए देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भाजपा नेतृत्व ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, महिला सशक्तीकरण, किसान कल्याण और सामाजिक योजनाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर नल योजना और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा मजबूत हुई है और दुनिया के कई देशों ने भारत की बढ़ती भूमिका को स्वीकार किया है। भाजपा के अनुसार यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति का रिकॉर्ड नहीं बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।
लगातार 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में बने रहने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह नया रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि विकसित भारत के लक्ष्य के साथ सरकार आने वाले वर्षों में किस दिशा में आगे बढ़ती है।


