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Friday, April 24, 2026

मिलावटी तेल का काला खेल बेनकाब 14 फर्मों पर बैन

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– 210 सैंपल फेल खाद्य तेल में लेड जैसी खतरनाक मिलावट का खुलासा
लखनऊ। मिलावटी तेल के संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 14 फर्मों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि खाद्य तेल में न सिर्फ गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन किया जा रहा था, बल्कि कई सैंपलों में लेड (सीसा) जैसे खतरनाक तत्व भी पाए गए, जो सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
खाद्य विभाग द्वारा लिए गए 210 नमूनों की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार कई सैंपल “असुरक्षित” श्रेणी में पाए गए, जिनमें तेल में पोषण मानकों के विपरीत विटामिन की मात्रा बेहद कम थी, जबकि हानिकारक तत्व अधिक मात्रा में मिले। यह संकेत देता है कि बड़े स्तर पर मिलावट कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी।
कार्रवाई के दायरे में आई प्रमुख फर्मों में मंटोरा ऑयल प्रोडक्शन (कानपुर देहात), हिंद वेज ऑयल, संकट मोचन इंटरप्राइजेज, भीम श्री प्रोडक्ट (कानपुर), एनआर उद्योग (कानपुर), कटारिया एडिबल्स, वैभव एडिबल्स, आगरा ऑयल, एनएम ऑयल, जीएस एग्रो, जेपी एग्रो ऑयल और केएल वेजिटेबल ऑयल जैसी इकाइयां शामिल हैं, जिन पर भंडारण और बिक्री दोनों पर रोक लगा दी गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कानपुर, कानपुर देहात, हापुड़ और मेरठ समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जबकि लखनऊ और आगरा में भी संदिग्ध यूनिट्स पर कार्रवाई की गई। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिला है कि यह नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ था और लंबे समय से मिलावटी तेल बाजार में खपाया जा रहा था।
यह मामला सिर्फ मिलावट का नहीं, बल्कि “साइलेंट हेल्थ क्राइसिस” का संकेत है। लेड जैसे तत्व शरीर में जमा होकर लंबे समय में गंभीर बीमारियों जैसे किडनी डैमेज, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और बच्चों के मानसिक विकास पर असर का कारण बन सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े स्तर पर मिलावट का कारोबार आखिर कब से चल रहा था और निगरानी तंत्र अब तक क्या कर रहा था?
कठोर संदेश या औपचारिक कार्रवाई?
सरकार की यह कार्रवाई बड़ी जरूर है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या दोषियों पर आपराधिक मुकदमे और स्थायी बंदी जैसी सख्त कार्रवाई होती है या फिर मामला कुछ समय बाद ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
फिलहाल साफ है प्रदेश में खाने के तेल तक पर भरोसा करना मुश्किल होता जा रहा है, और यह स्थिति सीधे आम जनता की सेहत से खिलवाड़ है।

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