दूसरे चरण से पहले पीएम का पत्र चर्चा में
नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले सियासी माहौल बेहद गर्म हो गया है। 23 अप्रैल को पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद अब सभी की निगाहें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण पर टिकी हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता के नाम एक भावुक पत्र और ऑडियो संदेश जारी कर चुनावी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। इसे राजनीतिक विश्लेषक अंतिम चरण की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में पश्चिम बंगाल की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें जो स्नेह और समर्थन मिला, उसने उन्हें नई ऊर्जा दी है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी “विकसित बंगाल” के निर्माण के लिए संकल्पित नजर आए। इस संदेश के जरिए उन्होंने राज्य के विकास के विजन को प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के विकास रोडमैप को “मोदी की गारंटी” बताते हुए कहा कि पार्टी बंगाल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने हिंदी और बंगाली में जारी ऑडियो संदेश के माध्यम से सीधे मतदाताओं से संवाद स्थापित किया और 29 अप्रैल को अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की।
गौरतलब है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 92.15 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जिसे प्रधानमंत्री ने “इतिहास रचने वाला” बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरे चरण में भी इसी तरह भारी मतदान होगा। चुनाव आयोग द्वारा दो चरणों में कराए जा रहे इस चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जो राज्य की अगली सरकार का फैसला करेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रचार समाप्त होने के बाद इस तरह का पत्र और ऑडियो संदेश जारी करना मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने और अंतिम समय में समर्थन मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि “विकसित बंगाल” का यह विजन और भारी मतदान की अपील मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है और क्या दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड टूटेगा।


