उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भीषण गर्मी के बीच अचानक आई इस ठंडक ने लोगों को राहत दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और दिनभर मौसम सुहावना बना रहा। तराई क्षेत्रों समेत अधिकांश जिलों में बादल और ठंडी हवाओं का असर साफ दिखाई दिया।
मंगलवार को बाराबंकी में 27.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं कानपुर 29.4 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। खास बात यह रही कि इन दोनों जगहों का तापमान सामान्य से करीब 11 डिग्री तक कम दर्ज किया गया, जो मई के महीने के लिहाज से असामान्य है।
राजधानी लखनऊ और आगरा में भी मौसम ने रिकॉर्ड बना दिया। दोनों शहरों में मई महीने का दूसरा सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। लखनऊ में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 11.4 डिग्री कम है। लगातार हो रही बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने गर्मी को काफी हद तक कम कर दिया है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो फतेहपुर (बाराबंकी) में सबसे ज्यादा 72 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद सिद्धार्थनगर में 66 मिमी, अंबेडकर नगर में 42 मिमी और गोरखपुर में 41.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं बहराइच और बलरामपुर में हवाओं की रफ्तार 85 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को 45 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो दिनों में बारिश का दायरा सीमित हो जाएगा और इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 5 से 7 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल लोगों को कुछ दिन और राहत भरे मौसम का आनंद मिलने की संभावना है।


