किशनगंज: बिहार के किशनगंज (Kishanganj) जिला अंतर्गत ठाकुरगंज के जिलेबिया मोड़ पर गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दर्जनों महिलाओं (Women) ने एक कथित फाइनेंस कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ठगी का शिकार हुई इन महिलाओं ने कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि कंपनी ने आसान किस्तों पर लोन दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों महिलाओं से अवैध वसूली की और अब रातों-रात चंपत हो गई है।
पीड़ित महिलाओं ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि संस्था के प्रतिनिधियों ने उन्हें ‘आसान लोन प्रक्रिया’ का लालच दिया था। ठगी को अंजाम देने के लिए जालसाजों ने सिलाई मशीन और वॉशिंग मशीन जैसे आकर्षक ऑफर्स का सहारा लिया। महिलाओं को विश्वास दिलाया गया था कि बहुत कम कागजी कार्रवाई के साथ उन्हें मोटी रकम लोन के रूप में मिल जाएगी। इसी भरोसे में आकर गरीब परिवारों की इन महिलाओं ने अपनी गाढ़ी कमाई और कई ने दूसरों से उधार लेकर पैसे जमा कर दिए।
मामले में मुख्य आरोपी के रूप में रंजीत सिंह नामक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। महिलाओं के अनुसार, 3 मई को रंजीत ने 11 महिलाओं के एक समूह से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज लिए थे। उसने दावा किया था कि 7 मई को उनका सिबिल (CIBIL) स्कोर चेक किया जाएगा और उसी दिन लोन की राशि स्वीकृत कर दी जाएगी। प्रत्येक महिला से प्रोसेसिंग और अन्य शुल्कों के नाम पर 6,000 रुपये वसूले गए। उन्हें भरोसा दिया गया था कि उसी दिन रात 8 बजे तक लोन की राशि उनके बैंक खातों में क्रेडिट हो जाएगी।
जब गुरुवार सुबह तक महिलाओं के खातों में पैसे नहीं आए, तो उन्होंने रंजीत सिंह से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। घबराई हुई महिलाएं जब जिलेबिया मोड़ स्थित कंपनी के दफ्तर पहुंचीं, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दफ्तर खाली था और सभी कर्मचारी वहां से फरार हो चुके थे।
ठगी का शिकार हुई इन महिलाओं में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं और लोन की उम्मीद में उन्होंने कर्ज लेकर कंपनी को पैसे दिए थे। मौके पर जमा भीड़ ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन से इस फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच करने और फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके पैसे वापस दिलाने की मांग की है।


