फर्रुखाबाद। वित्तीय वर्ष 2024-25 की ग्राम पंचायतों की लेखा परीक्षा (ऑडिट) में सामने आई अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी की ओर से 26 निवर्तमान ग्राम प्रधानों/प्रशासकों को तथा जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) की ओर से संबंधित 26 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई पंचायत राज नियमावली, 1947 के नियम-256(1) के अंतर्गत की गई है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं एवं अधिक व्यय से जुड़ी आपत्तियां दर्ज की गई हैं। जारी सूची में कमालगंज, शमसाबाद और मोहम्मदाबाद विकास खंडों की 26 ग्राम पंचायतों के नाम, तत्कालीन प्रधान, सचिव तथा आपत्ति से संबंधित धनराशि का विवरण शामिल है। सबसे अधिक आपत्ति लगभग 1.84 करोड़ रुपये ग्राम पंचायत नेवां तथा 1.40 करोड़ रुपये ग्राम पंचायत बिझौर से संबंधित बताई गई है। इसके अलावा कई पंचायतों में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी नोटिस में संबंधित पूर्व प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे ऑडिट में दर्ज आपत्तियों पर अपना स्पष्टीकरण एवं आवश्यक अभिलेख निर्धारित अवधि के भीतर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता है तो पंचायत राज नियमावली के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई करते हुए संबंधित धनराशि की वसूली की जाएगी।
इसी प्रकार जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा संबंधित तत्कालीन सचिवों को भी नोटिस जारी कर ऑडिट आपत्तियों पर जवाब मांगा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण न देने अथवा अनियमितता प्रमाणित होने की स्थिति में नियमानुसार विभागीय एवं वित्तीय कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नोटिस की तामील कराकर समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए तथा प्राप्त स्पष्टीकरणों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
वर्ष 2024-25 की ऑडिट आपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई, 26 पूर्व प्रधानों और 26 सचिवों को नोटिस जारी


