– सांसद लालजी वर्मा ने राज्यपाल को लिखा पत्र
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सांसद ने के अगले कुलपति की नियुक्ति दलित या पिछड़ा वर्ग से किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक पत्र भेजकर विश्वविद्यालय में आरक्षण व्यवस्था और शिक्षकीय पदों पर भर्ती से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।
पत्र में सांसद ने कहा है कि केजीएमयू के इतिहास में अब तक दलित या पिछड़ा वर्ग से किसी व्यक्ति को कुलपति नियुक्त नहीं किया गया है। उनका कहना है कि सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व की भावना को ध्यान में रखते हुए इस बार कुलपति की नियुक्ति अनुसूचित जाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से की जानी चाहिए।
सांसद ने विश्वविद्यालय में आरक्षित शिक्षकीय पदों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्ग के पदों को “नोट फाउंड सूटेबल ” बताकर लंबे समय से रिक्त रखा जा रहा है। पत्र के अनुसार, 108 आरक्षित शिक्षकीय पदों के सापेक्ष केवल 30 नियुक्तियां की गईं, जबकि 78 आरक्षित पद खाली छोड़ दिए गए।
इसके अलावा सांसद ने दावा किया कि कार्य परिषद से अनुमोदित करीब 100 बैकलॉग शिक्षकीय पदों का विज्ञापन अब तक जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे आरक्षित वर्ग के योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पा रहा है और विश्वविद्यालय में आरक्षण नीति का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
लालजी वर्मा ने राज्यपाल से मांग की है कि केजीएमयू में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, रिक्त आरक्षित पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए तथा अगले कुलपति की नियुक्ति में सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जाए।


