लखनऊ।पूरे देश और प्रदेश में कल वीर शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जाएगी। जयंती को लेकर राजनीतिक दलों में भी जबरदस्त सक्रियता दिखाई दे रही है। राजधानी लखनऊ में जगह-जगह बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं और विभिन्न संगठनों तथा दलों ने कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी हैं।
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भी महाराणा प्रताप जयंती को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। पार्टी नेताओं द्वारा कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों में होर्डिंग्स लगाए गए हैं। वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह गोप समेत कई नेताओं ने महाराणा प्रताप को राष्ट्र गौरव बताते हुए उनके आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने की बात कही है।
राजधानी में भाजपा, सपा और अन्य दलों के बीच महाराणा प्रताप की विरासत को लेकर राजनीतिक संदेश देने की प्रतिस्पर्धा भी साफ दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में राजपूत समाज और राष्ट्रवादी भावनाओं के प्रभाव को देखते हुए सभी दल इस अवसर को सामाजिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
इतिहासकारों के अनुसार महाराणा प्रताप केवल एक शासक नहीं बल्कि संघर्ष, आत्मसम्मान और विदेशी सत्ता के खिलाफ प्रतिरोध के प्रतीक रहे हैं। यही वजह है कि उनकी जयंती अब सामाजिक आयोजन से आगे बढ़कर राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम भी बनती जा रही है।
राजधानी में कल कई स्थानों पर शोभायात्रा, माल्यार्पण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और युवाओं के लिए प्रेरक सभाओं के आयोजन की भी तैयारी की गई है।
महाराणा प्रताप जयंती पर सियासी संग्राम, होर्डिंग्स से पटा शहर, सभी दलों में दिखी विरासत पर पकड़ बनाने की होड़


