लखनऊ
प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद मानसून अब दस्तक देने के बेहद करीब पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। अनुकूल मौसमीय परिस्थितियां बनने के कारण 28 जून तक बिहार सीमा से गोरखपुर और महराजगंज के रास्ते मानसून के प्रदेश में पहुंचने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके बाद धीरे-धीरे बारिश का दायरा अन्य जिलों तक बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 32 शहरों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की है। पूर्वांचल और तराई के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। वहीं कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
हालांकि मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहेंगे। 38 जिलों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
शुक्रवार सुबह अलीगढ़ समेत कई जिलों में आसमान पर बादलों का डेरा रहा और मौसम में हल्का बदलाव महसूस किया गया। कहीं-कहीं हल्की धूप निकली, जबकि उमस बनी रही। मौसम में आए इस परिवर्तन ने लोगों में जल्द बारिश होने की उम्मीद जगा दी है। किसानों के लिए भी मानसून का आगमन खरीफ सीजन की बुवाई के लिए राहतभरी खबर माना जा रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो अगले दो दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश से मानसून की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इसके बाद बारिश की गतिविधियां पूरे प्रदेश में तेजी से फैलेंगी, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की संभावना है।


