– प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ताबड़तोड़ प्रयासों मे जुटे
– फर्रुखाबाद बनेगा औद्योगिक केंद्र
– इंड्रस्ट्रीयल कोरिडोर से बनेगे रोजगार के बड़े अवसर
शरद कटियार
फर्रुखाबाद। जनपद के लिए बहुप्रतीक्षित फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, जुलाई माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र खिमसेपुर में आयोजित किए जाने की संभावना है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह इस परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। शासन स्तर पर तैयारियां तेज हैं और प्रशासन भी संभावित कार्यक्रम को लेकर सक्रिय हो गया है।
यह लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 92 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इस परियोजना से फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी और इटावा सहित पूरे मध्य गंगा क्षेत्र की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक की यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।
सबसे बड़ी खबर यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना खिमसेपुर और आसपास के क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर में विकसित करने की है। प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क, कृषि आधारित उद्योग और बड़े निवेशकों को आकर्षित करने की तैयारी है। इससे हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
जानकारों का मानना है कि एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कॉरिडोर का संयुक्त विकास फर्रुखाबाद की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। लंबे समय से औद्योगिक निवेश का इंतजार कर रहे जिले को नई पहचान मिलेगी, जबकि भूमि के मूल्य, व्यापार, परिवहन और स्थानीय रोजगार में भी तेजी आने की उम्मीद है।
यूपीडा इस परियोजना को विकसित कर रहा है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही हैं। यदि जुलाई में शिलान्यास होता है, तो यह फर्रुखाबाद के विकास इतिहास का सबसे बड़ा अध्याय माना जाएगा।
यूथ इंडिया की पड़ताल के अनुसार, यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो फर्रुखाबाद केवल एक्सप्रेसवे से नहीं जुड़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के नए औद्योगिक मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। जिले के लोग अब मुख्यमंत्री की आधिकारिक घोषणा और शिलान्यास की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।


