– मंत्री जयवीर सिंह तक पहुंची कारोबारी परिवार की गुहार
मैनपुरी से आए शूटरों पर रेकी,
– धमकी और कब्जे की कोशिश के आरोप, सीसीटीवी फुटेज से मचा हड़कंप
लखनऊ/फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद के चर्चित संपत्ति विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। जिले के वरिष्ठ व्यापारी एवं ट्रस्ट के सर्वेराकर अरुण कुमार गुप्ता ने लखनऊ पहुंचकर प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात कर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
व्यापारी परिवार ने दावा किया कि मैनपुरी से आए कथित दबंग और शूटर उनके मकान व दुकान पर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री को कथित घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए गए, जिनमें देर रात संदिग्ध गतिविधियां, रेकी और गाली-गलौज जैसी घटनाएं रिकॉर्ड होने का दावा किया गया।
अरुण गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस शासन के बावजूद स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत से दबंग खुलेआम गुंडई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर मजिस्ट्रेट द्वारा यथास्थिति के आदेश दिए जाने के बाद भी विवादित संपत्ति पर दबाव बनाया जा रहा है।
परिवार का आरोप है कि मैनपुरी का कथित गैंग लीडर मोहित यादव अपने साथियों के साथ मोमबत्ती गली और नेहरू रोड क्षेत्र में लगातार रेकी कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध लोगों के देर रात घूमने और पुलिस गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई है।
व्यापारी पक्ष के अनुसार, डायल 112 पहुंचने के बाद कई संदिग्ध मौके से भाग निकले। आरोप है कि ताला काटने की कोशिश की गई और कुछ सामान भी गायब मिला। मौके पर फ्रिज, इन्वर्टर समेत अन्य सामान मौजूद था, लेकिन नगदी वाला गुल्लक नहीं मिला।
मामले में मोहित यादव, शशांक गुप्ता, मनोज गुप्ता, उदित गुप्ता और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। परिवार का आरोप है कि कुछ महिलाएं भी कथित कब्जे और ताला काटने की कोशिश में शामिल थीं। अरुण गुप्ता ने कहा कि उनके परिवार की जान को गंभीर खतरा है और यदि समय रहते सुरक्षा नहीं दी गई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। मंत्री जयवीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पूरा मामला अब फर्रुखाबाद में कीमती जमीनों पर कब्जे के कथित नेटवर्क और प्रशासनिक निष्क्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। आखिर किन लोगों के संरक्षण में बाहरी दबंग जिले में सक्रिय हैं? पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों हुई? और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी अब तक सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए?
भारतीय किसान यूनियन भानु ने भी व्यापारी परिवार के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन करेगा। वहीं राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहित गुप्ता ने परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।


