कोटा: राजस्थान के कोटा (Kota) ज़िले में सोमवार को रणपुर के पास पूनिया देवारी इलाके के एक सरकारी स्कूल (government school) में दोपहर का खाना खाने के बाद 27 बच्चे बीमार पड़ गए। इनमें से पांच बच्चों को नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी छात्रों को इलाज के लिए रणपुर अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया।
स्कूल में खाना ‘अन्नपूर्णा रसोई’ से आता था। बताया जा रहा है कि बच्चों ने लंच में यह खाना खाया और उसके कुछ ही देर बाद उन्हें उल्टी की शिकायत होने लगी। इस घटना के बाद प्रशासन को सूचना दी गई और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्कूल का दौरा किया और मामले की जाँच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने प्रभावित बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई, जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल पहुँचे और जाँच के लिए खाने के नमूने लिए।
रणपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी रमेश कविया भी स्कूल पहुँचे। पूनिया देवारी सरकारी अपर प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल चंद्र प्रकाश मीणा ने बताया कि कल्याण नगर स्थित अन्नपूर्णा रसोई उनके स्कूल समेत सात या आठ स्कूलों में खाना सप्लाई करती है। बच्चों को खाने में कद्दू की सब्जी, दाल और रोटियां दी गई थीं। छात्रों ने सुबह करीब 11 बजे खाना खाया और दोपहर के बाद तबीयत खराब होने की शिकायतें आने लगीं।
प्रिंसिपल के मुताबिक, स्कूल खत्म होने के बाद कुछ बच्चे घर चले गए थे, लेकिन कई बच्चे वापस आए और तबीयत खराब होने की शिकायत की। घटना के बारे में पता चलने पर उसी इलाके के कुछ बच्चों के माता-पिता भी स्कूल पहुंचे। बताया जा रहा है कि प्रभावित बच्चों की उम्र सात से 12 साल के बीच है।
पूनिया ने कहा, “सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। उनमें से ज़्यादातर को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है।” मौके पर पहुंचे फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर चंद्रवीर सिंह जादौन ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौके से खाने के सैंपल लिए गए हैं और उनकी जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि खाना दूषित था या नहीं।


