नई दिल्ली/मुंबई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आदिवासी छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है। राहुल ने कहा कि राज्य के कई आदिवासी छात्र सरकारी छात्रावासों के नियमों के विरोध में 10 दिन से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने छात्रावास में रहने के लिए निर्धारित 30 वर्ष की आयु सीमा में ढील देने की भी मांग की है।
राहुल ने बताया कि पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान आदिवासी छात्राओं ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं और नियमों को लेकर गंभीर शिकायतें रखी थीं। उनके मुताबिक, छात्रों ने छात्रावासों में असुरक्षित सुविधाओं, भोजन, साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्था की कमी का मुद्दा उठाया।
राहुल गांधी ने छात्राओं की ओर से लगाए गए उस आरोप पर भी चिंता जताई, जिसमें लंबे समय तक बाहर रहने के बाद छात्रावास लौटने वाली छात्राओं से गर्भावस्था जांच और अन्य चिकित्सकीय जांच कराने की बात कही गई है। राहुल ने इसे छात्राओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
उन्होंने कहा कि दूरदराज के गांवों से आने वाले कई आदिवासी छात्र शहरों में पढ़ाई के लिए सरकारी छात्रावासों पर निर्भर हैं। नए नियमों के कारण 30 वर्ष से अधिक उम्र के छात्र छात्रावास की सुविधा से बाहर हो सकते हैं, जिससे पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होगी।
छात्रों ने 5 अगस्त और 14 अगस्त को जारी शासनादेशों को वापस लेने या उनमें बदलाव करने की मांग की है। साथ ही छात्रावास में रहने की आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 36 वर्ष करने की मांग रखी गई है। छात्रों का यह भी कहना है कि सरकारी जनजातीय छात्रावास शहरों में बनाए जाएं, ताकि परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगें मनवाने के लिए स्वास्थ्य जोखिम में डालकर भूख हड़ताल करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की अपील की है।


