-लारी कार्डियोलॉजी से शुरू हुआ नेटवर्क, कई डॉक्टरों और स्टाफ से जुड़े होने की जांच तेज
लखनऊ
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में 12वीं पास फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में पता चला है कि उसका प्रभाव और संपर्क कैंपस के कई विभागों तक फैला हुआ था, जिसमें सबसे ज्यादा पकड़ लारी कार्डियोलॉजी विभाग में बताई जा रही है।
जांच में लारी कार्डियोलॉजी से जुड़े कार्डियक टेक्नीशियन फैक अहमद मंसूरी का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह हस्साम अहमद का बेहद करीबी था और उसकी एनजीओ “कार्डियो सेवा फाउंडेशन” का को-फाउंडर भी था। इस खुलासे के बाद उसके पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा वर्ष 2023 में डीएम कार्डियोलॉजी कर चुके डॉ. तनवीर अहमद का नाम भी जांच के दायरे में आया है। आरोप है कि वह लारी कार्डियोलॉजी में होने वाले मेडिकल कैंपों में शामिल होता था और हस्साम अहमद से उसका संपर्क लगातार बना रहता था। हालांकि प्रशासन ने अभी किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
केजीएमयू प्रशासन ने हस्साम अहमद को पुलिस के हवाले करने के बाद आंतरिक जांच शुरू कर दी है। मेडिकल काउंसिल ने उसके दस्तावेज होल्ड कर दिए हैं और उससे जुड़े सभी लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी भी कर्मचारी या छात्र की भूमिका सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में क्या किसी निजी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी शामिल थे। आरोप है कि हस्साम अहमद ने अपने संपर्कों के जरिए एक संगठित नेटवर्क खड़ा किया था, हालांकि धर्मांतरण या अन्य गंभीर आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच केजीएमयू में छात्रों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें छात्रों को अजनबियों से दूरी बनाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी प्रशासन को देने की सलाह दी गई है। पुलिस अब मोबाइल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आ सके।
केजीएमयू में फर्जी डॉक्टर कांड: हस्साम अहमद की जड़ें कई विभागों तक फैलीं


