काश मैं एक चिड़िया होती ,
जो अपने अरमानो को पंखों की तरह फैला कर निडर हो जाती
काश मैं एक चिड़िया होती
छोटे-छोटे तिनकों का घोंसला बनाने की तरह मैं भी अपने अरमानो का मकान बना पाती ,
काश मैं एक चिड़िया होती
पंख पसार कर आसमान में उड़ने की तरह स्वयं को स्वतंत्र कर पाती.,
काश मैं एक चिड़िया होती,
Khhule आसमान में अपनी पहचान की तरह दुनिया में अनोखी पहचान बना पाती
काश मैं एक चिड़िया होती
जो अपना भार स्वयं सम्भाल पाती,
काश मैं एक चिड़िया होती
वाणी कटियार
बीएससी प्रथम वर्ष, रामकृष्ण महाविद्यालय रानूखेड़ा


