लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के किनारे अवैध खनन का एक बड़ा मामला सामने आया है। चिनहट क्षेत्र में नदी तट की संरक्षित ग्रीन बेल्ट से बिना अनुमति सैकड़ों डंपर मिट्टी खोदे जाने की पुष्टि होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मामले में सिंचाई विभाग ने चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है और अब जांच के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के अनुसार अयोध्या रोड स्थित देवरिया गांव के पास गोमती नदी किनारे बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किए जाने की शिकायत लगातार मिल रही थी। शिकायतों के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें ग्रीन बेल्ट क्षेत्र से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाले जाने के प्रमाण मिले।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक खनन के लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद संरक्षित क्षेत्र से सैकड़ों डंपर मिट्टी निकाल ली गई। इससे न केवल सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचा है बल्कि नदी तटीय क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
मामले को गंभीर मानते हुए सिंचाई विभाग ने चिनहट थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध खनन से हुए नुकसान का आकलन कर जुर्माना भी वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि गोमती नदी के किनारे स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में बिना अनुमति खनन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, भू-क्षरण और पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन का कार्य लंबे समय से चल रहा था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब विभागीय जांच में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने सख्ती के संकेत दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे प्रकरण की जांच में जुटे हुए हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर अवैध खनन में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


