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Saturday, June 27, 2026

जेवर बनेगा देश का सोलर हब, सीएम योगी ने 8200 करोड़ की मेगा परियोजना का किया शिलान्यास, 20 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

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लखनऊ। प्रदेश को हरित ऊर्जा और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में शनिवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर में 8,200 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर जल्द ही देश का सबसे बड़ा सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा और इससे सोलर उपकरणों के लिए चीन समेत अन्य देशों पर भारत की निर्भरता कम होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अगले दो से तीन वर्षों में 20 हजार मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश लगभग 6 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन कर रहा है, जबकि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत छह लाख से अधिक परिवार सोलर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। इससे हजारों परिवारों के बिजली बिल में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी आई है।

एसएईएल की इस परियोजना में प्रारंभिक चरण में 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित की जाएगी। कंपनी ने वर्ष 2029-30 तक कुल निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये करने की घोषणा की है। परियोजना पूरी होने के बाद अत्याधुनिक तकनीक से उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और मॉड्यूल का निर्माण होगा, जिससे देश की बढ़ती अक्षय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ निर्यात क्षमता भी मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र तेजी से भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म सिटी, अपैरल सिटी, टॉय पार्क, विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय और अन्य औद्योगिक परियोजनाएं आकार ले रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।

परियोजना से लगभग 20 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे इंजीनियरों, तकनीशियनों, एमएसएमई इकाइयों, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से पराली जलाने के बजाय उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि इससे प्रदूषण कम होगा और किसानों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश का लगभग 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन कर रहा है और अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

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