50 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा
फर्रुखाबाद। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 136.95 मीटर से बढ़कर 137.05 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 137.10 मीटर है। यानी नदी का पानी खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे 50 से अधिक गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के 35 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों के रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। अंबरपुर की मड़ैया में कई घरों में पानी घुस गया है। आशा की मड़ैया, उदयपुर, तीसराम की मड़ैया, मंझा और करनपुर घाट के ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। इमादपुर सोमवंशी से अलीगढ़ जाने वाले मार्ग पर भी पानी तेजी से बह रहा है।
चित्रकूट डिप पर दो फीट पानी, आवागमन बंद
फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर दो फीट से अधिक पानी बहने के कारण प्रशासन ने आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। राजेपुर, जमापुर और चित्रकूट डिप के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर वाहनों को रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मी लोगों को पानी के बीच से निकलने से रोक रहे हैं।
पांच किलोमीटर दूर से ला रहे पशुओं का चारा
बाढ़ के चलते खेत और रास्ते जलमग्न होने से पशुओं के चारे का संकट भी गहराता जा रहा है। ग्रामीणों को चारे के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर और बढ़ा तो आवागमन के साथ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाएगा।
अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम कर दी गई है। बुधवार शाम से गंगा के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है।


