अहमदाबाद/नई दिल्ली। देश के परिवहन क्षेत्र में सहकारिता आधारित नई पहल के तहत भारत टैक्सी सेवा का अगले दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों तक विस्तार किया जाएगा। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के 14 शहरों में भारत टैक्सी सेवा के शुभारंभ के अवसर पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह मॉडल देश के टैक्सी चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ यात्रियों को भी सुरक्षित और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराएगा।
अमित शाह ने बताया कि विस्तार योजना के तहत नागपुर, पुणे, मुंबई, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़, कोलकाता सहित देश के प्रमुख शहरों में चरणबद्ध तरीके से भारत टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली सहकारिता आधारित और ड्राइवरों के स्वामित्व वाली राइड-हेलिंग सेवा है, जो पारंपरिक कैब एग्रीगेटर मॉडल से अलग होगी।
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीरो-कमिशन मॉडल है। इस व्यवस्था में प्लेटफॉर्म से जुड़े चालक ग्राहकों से प्राप्त पूरा किराया स्वयं रख सकेंगे और उन्हें किसी कंपनी को कमीशन नहीं देना होगा। चालक केवल ड्राइवर नहीं बल्कि इस सहकारी व्यवस्था के ‘सारथी’ और सह-मालिक होंगे। अब तक सात लाख से अधिक चालक 100 रुपये का शेयर खरीदकर इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार बन चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य में भारत टैक्सी अपने सारथियों को कम ब्याज दर पर ऋण, बीमा सुरक्षा और कारोबार बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराएगी। उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य केवल कैब सेवा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लाखों चालकों को सम्मानजनक आय, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारिता आधारित यह मॉडल देश में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगा।


