– विकास के साथ अब कानून व्यवस्था पर बड़ा फोकस
– दो गुनी हो रही सातनपुर आलू मंडी रोड
– नॉएडा की तर्ज पर बनाया जा रहा खिमसेपुर आधोगिक एरिया
फर्रुखाबाद/यूथ इंडिया।
जनपद में पिछले कुछ समय से विकास परियोजनाओं को लेकर जिस तरह तेजी दिखाई दे रही है, उसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ जिले को नई अपार सम्भावनायें भी दिखने लगीं हैं । जिले के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह के हस्तक्षेप और नियमित समीक्षा बैठकों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सड़क, पर्यटन, धार्मिक विरासत, संपर्क मार्ग और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होते नजर आ रहे हैं।
फर्रुखाबाद लंबे समय से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की कागजोँ से हट ज़मीन पर दिखने की प्रतीक्षा कर रहा था। विशेष रूप से सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास और बेहतर संपर्क व्यवस्था को लेकर लगातार मांग उठती रही। अब इन क्षेत्रों में तेजी से काम शुरू होने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों और किसानों में भी उम्मीद जगी है।यें सब अभी तक झूठी घोषणाओं तक सीमित रहा।
जनपद के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक लिंक एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी को माना जा रहा है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से न केवल स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी बल्कि कृषि उत्पादों के परिवहन में भी आसानी होगी। जिले के किसानों को अपनी उपज मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंचाने में जो समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था, उसमें कमी आने की संभावना है।
बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल के सर्वांगीण विकास के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहा यह ऐतिहासिक स्थल अब पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हुईं तो संकिसा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है।
इसी क्रम में जिले की उन प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य भी शुरू हो चुका है जो लंबे समय से भारी यातायात दबाव झेल रही थीं। विशेष चर्चा उस मार्ग को लेकर है जिसे एशिया के सर्वाधिक राजस्व देने वाले आलू एवं कृषि व्यापार से जुड़ा महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जाता है। वर्षों से संकरी सड़क, जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से जूझ रहे किसानों और व्यापारियों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क के दोहरीकरण और चौड़ीकरण के बाद भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी तथा परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
किसानों का कहना है कि फसल सीजन के दौरान कई-कई घंटे जाम में फंसना आम बात थी। इससे समय, श्रम और धन तीनों की हानि होती थी। सड़क चौड़ी होने से कृषि अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
विकास कार्यों के साथ-साथ अब कानून व्यवस्था को लेकर भी बड़े स्तर पर तैयारी की चर्चा है। प्रभारी मंत्री की आगामी बैठक में अपराध नियंत्रण, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार समीक्षा की जायेगी ।


