– पानी और मृत मछलियों के लिए जाएंगे नमूने
लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित कठौता झील में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत मिलने से हड़कंप मच गया है। झील के किनारे तैरती और पड़ी मृत मछलियों की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मत्स्य पालन विभाग ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। विभाग की विशेषज्ञ टीम सोमवार को कठौता झील का विस्तृत निरीक्षण करेगी।
मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान झील के विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लिए जाएंगे। इसके साथ ही मृत मछलियों के भी सैंपल एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे जाएंगे, ताकि वैज्ञानिक परीक्षण के जरिए उनकी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रारंभिक स्तर पर विशेषज्ञ जल में घुलित ऑक्सीजन (डीओ) की कमी, प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट, अत्यधिक गर्मी अथवा किसी विषैले पदार्थ के प्रभाव जैसी संभावनाओं को भी जांच के दायरे में मान रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झील में एक साथ बड़ी संख्या में मछलियों की मौत पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर संकेत है। यदि समय रहते कारणों का पता लगाकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर झील के अन्य जलीय जीवों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ सकता है।
मत्स्य पालन विभाग ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि जल प्रदूषण, रासायनिक अपशिष्ट या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग की टीम पूरे मामले की निगरानी कर रही है और वैज्ञानिक परीक्षण के जरिए वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।


