“हर साल लाखों रुपये खर्च, फिर भी 2-3 महीने में उखड़ जाती है मरम्मत; घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप”
फर्रुखाबाद । पांचाल घाट स्थित गंगा नदी के पुल की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा नेता विकास राजपूत ने प्रशासन और संबंधित विभागों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल की मरम्मत के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन मरम्मत का कार्य इतना घटिया होता है कि वह दो से तीन महीने भी नहीं टिक पाता। उन्होंने इसे जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी और भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताया।
घंटों तक जाम में फंसे लोगों की परेशानी का जिक्र करते हुए विकास राजपूत ने कहा, “यह हमारे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, तब हमारे जिले की आम जनता घंटों जाम में फंसकर बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। यह केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एनएच-730सी (NH-730C) के निर्माण कार्य में भी लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे, लेकिन आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या संबंधित पक्ष के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। विकास राजपूत ने कहा कि यह हाईवे अब लोगों के बीच “हादसों का हाईवे” के नाम से पहचाना जाने लगा है। उनका आरोप है कि सेंट्रल जेल चौराहा, बघार नाला और मसानी चौराहे जैसे संवेदनशील स्थानों पर आज तक न तो ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए और न ही आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए। उन्होंने कहा कि आए दिन सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन प्रशासन नियमों का हवाला देकर स्पीड ब्रेकर बनाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन और कितनी जानें जाने के बाद जागेगा।
विकास राजपूत ने कहा कि प्रदेश और देश में जिम्मेदार सरकार होने के बावजूद जिले की विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की गंदगी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पिछले तीन वर्षों से पांचाल घाट गंगा पुल की स्थायी मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही, जबकि हर साल मरम्मत के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। अगर समय रहते पुल की मजबूत और स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद पुल की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले जनता को समर्पित किया गया शुकरुल्लापुर ओवरब्रिज भी कथित तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है, जिससे जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
विकास राजपूत ने आरोप लगाया कि पुल की मरम्मत घटिया ठेकेदारों और कारीगरों से कराई जा रही है। उन्होंने मांग की कि देश की प्रतिष्ठित और अनुभवी कंपनियों से पुल की मरम्मत कराई जाए, ताकि वर्षों तक सुरक्षित और टिकाऊ निर्माण सुनिश्चित हो सके। उनका कहना था कि भारत में ऐसी कई कंपनियां हैं जो आधुनिक तकनीक से मजबूत और तेज गति से पुलों की मरम्मत करने में सक्षम हैं, लेकिन प्रशासन ने आज तक उनसे संपर्क करने की आवश्यकता नहीं समझी।
अंत में उन्होंने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है। यदि प्रशासन नहीं जागा तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।


