फर्रुखाबाद। नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे नर्सिंग होम के खिलाफ मंगलवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने स्वास्थ्य और दमकल विभाग की टीम के साथ दो अस्पतालों का निरीक्षण किया। मसैनी चौराहा स्थित अनभी हॉस्पिटल बिना पंजीकरण संचालित मिला। यहां डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मरीज भर्ती थे। दस्तावेज न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया और भर्ती मरीजों को उनकी इच्छा के अनुसार दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित कराया गया।
टीम ने सबसे पहले नेकपुर कला स्थित एक अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच में अस्पताल का पंजीकरण प्रमाणपत्र और मेडिकल लाइसेंस वैध मिला, जबकि पैथोलॉजी भी पंजीकृत मिली। हालांकि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी थी और एक पैरामेडिकल कर्मचारी मरीजों को देख रहा था। पूछताछ में पता चला कि वह कर्मचारी लंबे समय से मरीजों को देख रहा था। इस पर अधिकारियों ने उसका कक्ष बंद करा दिया और अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम मसैनी चौराहा स्थित अनभी हॉस्पिटल पहुंची। यहां अस्पताल संचालित करने का पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं मिला। निरीक्षण के समय डॉक्टर भी मौजूद नहीं था, जबकि करीब 10 बेड वाले अस्पताल में चार से पांच मरीज भर्ती मिले। कार्रवाई के दौरान मरीजों को उनकी इच्छा के अनुसार दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कराया गया।
अधिकारियों ने अस्पताल के स्टाफ से डॉक्टर और संचालन से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। भर्ती मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड और कुछ रजिस्टर भी सीज किए गए। जांच में अस्पताल के जनवरी से संचालित होने की बात सामने आई। बिना पंजीकरण अस्पताल संचालित किए जाने पर प्रशासन ने उसे सील कर दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि जिले के नर्सिंग होम में नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएमओ आरसी माथुर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और दमकल विभाग के एफएसओ मौजूद रहे।


