फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ की चिंता फिर बढ़ा दी है। मंगलवार शाम दोनों नदियों का पानी तेजी से बढ़ता मिला। गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं रामगंगा 136.95 मीटर पर पहुंच गई है। यह चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। जिले की तीनों तहसीलों के 102 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
गंगा में नरौरा बांध से मंगलवार को 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार बढ़ते पानी का असर कायमगंज, सदर और अमृतपुर तहसील के गांवों में दिखाई देने लगा है। निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। कई गांवों में रास्ते जलमग्न होने के कारण आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
चार दिन से लगातार बढ़ रहा पानी
गंगा और रामगंगा के जलस्तर में पिछले चार दिनों से लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इससे नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। पानी बढ़ने के साथ खेतों और संपर्क मार्गों पर भी खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं।
रामगंगा में भी बढ़ा दबाव
रामगंगा नदी भी लगातार उफान की ओर बढ़ रही है। मंगलवार शाम इसका जलस्तर 136.95 मीटर रहा। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है। मंगलवार को खो बैराज से 2,760 क्यूसेक, हरेली बैराज से 333 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 13,567 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते नदी के जलस्तर में आगे भी उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है।
कटान रोकने में जुटा प्रशासन
नदी के बढ़ते पानी के साथ कटान का खतरा भी बढ़ गया है। कटरी तौफीक में नदी के कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से काम कराया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन की कोशिश है कि नदी का पानी बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
गंगा के खतरे के निशान के पार पहुंचने और रामगंगा के चेतावनी बिंदु से ऊपर बहने से जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। 102 गांवों के प्रभावित होने के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर की स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।


