वाराणसी। समाज कार्य विभाग, एमजीकेवी में बुधवार को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सघन जागरूकता अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एआरटीसी, एसएस अस्पताल, आईएमएस के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. मनोज कुमार तिवारी एवं वरिष्ठ काउंसलर शिप्रा परवीन के सहयोग से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। प्रभारी विभागाध्यक्ष प्रो. भावना वर्मा ने अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने विभाग को अपनी स्वरचित पुस्तक ‘मनोविज्ञान व शिक्षण’ भेंट की।
डॉ. तिवारी ने विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स के लक्षण, संक्रमण के कारण, बचाव के उपाय और उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए एआरवी दवा का नियमित सेवन जीवनभर आवश्यक होता है। उन्होंने वाराणसी के विभिन्न जांच केंद्रों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी।
वरिष्ठ काउंसलर शिप्रा परवीन ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों में एचआईवी की जांच एवं दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय पर एचआईवी जांच और आवश्यकता होने पर एआरटी शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे संक्रमण को बच्चे तक पहुंचने से रोकने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को क्यूआर कोड के माध्यम से सेल्फ रिस्क असेसमेंट के लिए भी प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर प्रो. संजय, प्रो. निमिषा गुप्ता, प्रो. बंशीधर पाण्डेय, प्रो. अनिल कुमार चौधरी, प्रो. चंद्रशेखर सिंह, प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. भारती कुरील, डॉ. प्रभंजन कुमार, शिवांश कुमार श्रीवास्तव, रंजित कुमार पूर्वे सहित शोध छात्र मो. साबिर, सरवन, रेनू, शालिनी सिंह और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभंजन कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रंजित कुमार पूर्वे एवं शिवांश कुमार श्रीवास्तव ने किया।


