– सिस्टम फेल—राहगीर सड़क पर पिस रहे
फर्रुखाबाद। एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, दूसरी तरफ शहर का मेन बाजार जाम के जाल में फंसा हुआ है। हालात ऐसे कि राहगीर, दुकानदार और मरीज तक सड़क पर तिल-तिल कर पिस रहे हैं। थाना मऊदरवाजा क्षेत्र में रविवार सुबह बाद लगा यह जाम प्रशासनिक लापरवाही की खुली पोल बन गया।
सूत्रों के अनुसार दोपहर के वक्त तापमान 42 डिग्री के आसपास पहुंच गया, लेकिन बाजार की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें थमने का नाम नहीं ले रही थीं। ई-रिक्शा, ठेले, बाइक और चारपहिया वाहनों का बेतरतीब दबाव ऐसा कि पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया। कई लोग गर्मी और उमस के कारण सड़क किनारे बैठने को मजबूर दिखे।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। हर दिन दोपहर और शाम के समय यही हाल रहता है, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है। मौके पर पुलिस की मौजूदगी न के बराबर रही, जिससे हालात और बिगड़ते गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जाम में एम्बुलेंस तक फंसी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 15-20 मिनट तक एम्बुलेंस सायरन बजाती रही, लेकिन रास्ता नहीं मिल सका। यह स्थिति सीधे तौर पर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़ा करती है।
मेन बाजार में अतिक्रमण भी जाम की बड़ी वजह बन चुका है। दुकानों के बाहर तक फैला सामान, सड़क पर खड़े वाहन और अवैध ठेले—इन सबने सड़क की चौड़ाई आधी कर दी है। कई बार अभियान चलाए गए, लेकिन कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रही।
युवाओं और कामकाजी लोगों के लिए यह जाम रोज की परेशानी बन गया है। ऑफिस जाने वाले, छात्र और डिलीवरी कर्मी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ेंगे।
सवाल सीधे प्रशासन से
जब गर्मी में लू से बचाव के दावे किए जा रहे हैं, तो क्या ट्रैफिक मैनेजमेंट उसकी प्राथमिकता में नहीं है? क्या अतिक्रमण हटाने और बाजार को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी?
भीषण गर्मी में मेन बाजार जाम से बेहाल


