– प्रकृति का साफ संकेत, हालात बेहद गंभीर
लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश इस वक्त भीषण गर्मी की गिरफ्त में है और हालात अब सामान्य मौसम नहीं, बल्कि “रेड अलर्ट” की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। प्रदेश के करीब 60 जिलों में लू का प्रकोप चरम पर है। कानपुर में 18 साल का तापमान रिकॉर्ड टूटना इस बात का संकेत है कि हालात तेजी से खतरनाक दिशा में बढ़ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ में तापमान 43°C तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि हवा की गुणवत्ता “वेरी अनहेल्दी” स्तर पर पहुंच चुकी है। इसका मतलब साफ है अब सिर्फ गर्मी ही नहीं, जहरीली हवा भी लोगों की सेहत पर डबल अटैक कर रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह की स्थिति में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस से जुड़ी बीमारियों के केस तेजी से बढ़ते हैं।
कानपुर में तापमान ने बीते 18 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो यह दर्शाता है कि जलवायु परिवर्तन अब आंकड़ों से निकलकर जमीन पर असर दिखा रहा है। शहरों में कंक्रीट का फैलाव, हरियाली की कमी और बढ़ता प्रदूषण इस आग को और भड़का रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी समस्याओं के मामलों में 20-30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, खासकर बुजुर्ग, बच्चे और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
मौसम विभाग ने 28 से 30 अप्रैल के बीच हल्की बारिश और आंधी की संभावना जताई है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन तब तक के लिए प्रशासन और जनता दोनों के लिए अलर्ट मोड में रहना जरूरी है।
शहरों में न तो पर्याप्त वाटर प्वाइंट दिख रहे हैं, न ही सार्वजनिक जगहों पर ठंडक के इंतजाम। कई जगह बिजली कटौती ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। सरकारी दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीन पर राहत सीमित नजर आ रही है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से निकलने से बचें, पानी और ओआरएस का सेवन बढ़ाएं, सिर और शरीर को ढककर रखें। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
यूपी में पड़ रही यह भीषण गर्मी सिर्फ एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि प्रकृति की गंभीर चेतावनी है। अगर अब भी प्रशासन और समाज नहीं चेते, तो आने वाले सालों में हालात और भयावह हो सकते हैं। अभी सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
यूपी में लू का रेड अलर्ट: 60 जिलों में कहर, कानपुर में 18 साल का रिकॉर्ड टूटा


