– 19 हजार से अधिक घर खरीदारों से धोखाधड़ी का आरोप
नई दिल्ली। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित 2,004 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अर्थ इंफ्रा से जुड़े चार प्रमुख प्रमोटरों और निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की इस कार्रवाई से हजारों निवेशकों और घर खरीदारों के बीच वर्षों से लंबित मामले में नई हलचल पैदा हो गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं और निवेश योजनाओं के नाम पर हजारों लोगों से बड़ी मात्रा में धन जुटाया, लेकिन कई परियोजनाओं को अधूरा छोड़ दिया।
ईडी की जांच में सामने आया है कि 19 हजार से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों का पैसा विभिन्न परियोजनाओं में लगाया गया, लेकिन उन्हें न तो समय पर फ्लैटों का कब्जा मिला और न ही निवेश की गई रकम का समुचित लाभ। वर्षों से परियोजनाओं के अधर में लटकने के कारण हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट का सामना कर रहे हैं।
जांच एजेंसी का मानना है कि निवेशकों से जुटाई गई धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप नहीं किया गया। इसी आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने आगे की पूछताछ और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए ईडी को पांच दिन की रिमांड प्रदान कर दी। अब जांच एजेंसी धन के प्रवाह, निवेशकों से जुटाई गई राशि और उससे जुड़े अन्य वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल करेगी।
यह मामला देश के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों के भरोसे पर लगे सबसे बड़े झटकों में से एक माना जा रहा है। हजारों परिवार वर्षों से अपने सपनों के घर का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कई निवेशकों की जीवनभर की कमाई इन परियोजनाओं में फंसी हुई है।
ईडी की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की परतें खुलेंगी और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


