नगर पंचायत की कार्यशैली कटघरे में
नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। वार्ड नंबर 3, अब्दुल कलाम आजाद नगर स्थित नगला नया प्राथमिक विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य अब प्रशासनिक लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का प्रतीक बनता जा रहा है। 9.27 लाख रुपये के बजट से शुरू हुआ यह निर्माण कार्य तय समय सीमा पार करने के बाद भी अधूरा पड़ा है, जिससे सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
दस्तावेजों के अनुसार, यह निर्माण कार्य पिछले वर्ष नवंबर में शुरू किया गया था और 25 दिसंबर तक पूरा होना था। लेकिन हकीकत यह है कि चार महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। मौके पर अधूरा ढांचा, बिखरी निर्माण सामग्री और ठप काम—नगर पंचायत की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहे हैं।
स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। रजनेश शाक्य, अश्वनी शाक्य, दीपक शाक्य, विक्रांत शाक्य, राम सिंह और पवन कुमार ने खुलकर सवाल उठाए हैं कि आखिर एक छोटे से कक्ष के निर्माण में आधा साल क्यों लग रहा है? उनका आरोप है कि या तो जिम्मेदार अधिकारी समय-सीमा को लेकर गंभीर नहीं हैं या फिर ठेकेदार को किसी प्रभावशाली संरक्षण का लाभ मिल रहा है।
जमीनी हकीकत यह भी है कि अतिरिक्त कक्ष न बनने के कारण बच्चों को या तो एक ही कमरे में ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है या फिर खुले में बैठने की मजबूरी है। इससे न सिर्फ पढ़ाई का स्तर गिर रहा है, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था के दावों की भी हवा निकल रही है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद अब तक न तो ठेकेदार पर कोई जुर्माना लगाया गया और न ही विभागीय स्तर पर कोई सख्त कार्रवाई हुई। यह स्थिति सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और निगरानी तंत्र की विफलता की ओर इशारा करती है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी लापरवाहियां पूरे सिस्टम की साख पर बट्टा लगा रही हैं।


