लखनऊ/बांदा। उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है और बांदा में पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया—जो इस सीजन का सबसे खतरनाक स्तर माना जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रशासन ने लोगों को साफ सलाह दी है,दोपहर में घर से बाहर न निकलें।
मौसम विभाग के मुताबिक यूपी समेत 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां लू के थपेड़े सीधे जानलेवा बनते जा रहे हैं। सड़कों पर सन्नाटा और अस्पतालों में बढ़ती भीड़ इस बात का संकेत है कि गर्मी अब सामान्य नहीं रही।
बिहार में हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्कूलों में बच्चों को छाते बांटे जा रहे हैं, ताकि वे तेज धूप से बच सकें। कई राज्यों में स्कूलों का समय बदला गया है और कहीं-कहीं छुट्टियां तक घोषित करनी पड़ी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मजदूर, किसान, डिलीवरी बॉय और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।
कई शहरों में न तो पर्याप्त पानी के इंतजाम हैं, न ही शेड या कूलिंग सेंटर। बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सरकारी दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी राहत सीमित नजर आ रही है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें,लगातार पानी, ओआरएस , नींबू पानी लें,सिर ढककर निकलें,
हल्का और तरल भोजन करें।
बांदा का 47.4° सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि चेतावनी है—अगर सावधानी नहीं बरती गई, तो यह गर्मी सीधे जान पर बन सकती है। फिलहाल एक ही नियम है धूप से दूरी ही सुरक्षा है।
बांदा 47.4° पर उबला, यूपी समेत 10 राज्यों में हीटवेव अलर्ट—घर में रहें, बाहर निकले तो खतरा तय


