लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे इस एक्सप्रेसवे को अब हरिद्वार तक ले जाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। शाम चार बजे लोकभवन में होने वाली बैठक में डेढ़ दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला होगा।
कैबिनेट में झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को विकसित करने, सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारे के तहत एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से जुड़े नियमों में संशोधन के प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।
छात्रों को फिर मिल सकेगा छात्रवृत्ति का मौका
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के वे विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके आवेदन संस्थानों से अग्रसारित नहीं हो सके या पीएफएमएस से निरस्त हो गए थे।
इसके अलावा पुलिस के निष्प्रयोज्य वाहनों के स्थान पर नए वाहन खरीदने, जनसेवा केंद्र 4.0 परियोजना लागू करने, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सेवा नियमावली में संशोधन और रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय हो सकता है।
अस्पतालों में निजी निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी
प्रदेश में अस्पतालों के विकास के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित करने वाली सरकारी सहायता नीति भी कैबिनेट के सामने आएगी। नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके साथ ही हथकरघा बुनकर योजना, साक्षर भारत योजना के पूर्व कर्मचारियों की देनदारियों के भुगतान और मैनपुरी में पर्यटन विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है।


