ठाकुरद्वारा
नारायणपुर छंगा गांव में भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह के जन्मदिन समारोह के दौरान हुए बवाल के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस घटना में अब एक और एफआईआर दर्ज की गई है, जो भाजपा नेता के समर्थक की तहरीर पर दर्ज हुई है। इससे मामले में दो पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच और भी जटिल हो गई है।
नई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अनुसूचित जाति के 13 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों ने कार्यक्रम के दौरान वाहनों में तोड़फोड़, घर में घुसकर हमला और माहौल बिगाड़ने का काम किया। यहां तक कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
घटना 16 अप्रैल की रात करीब 10 बजे उस समय हुई जब गांव में जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान भोजन चल रहा था। आरोप है कि तभी बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू हो गई, जिसमें पांच वाहन क्षतिग्रस्त हुए। विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला और फायरिंग तक किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई थी।
इससे पहले इसी मामले में भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह, उनके भाई समेत 12 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। अब दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने जांच की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है और मामले की विवेचना सीओ स्तर पर की जा रही है।
घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है और आंबेडकर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। गांव में लगातार पैदल मार्च कर शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां विभिन्न दलों के नेता निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय की जा सके।


