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Thursday, May 14, 2026

*फर्रुखाबाद में आकाश इंस्टिट्यूट की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे

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चमकदार बिल्डिंग के पीछे कई गंभीर लापरवाहियाँ छिपी
दोमंजिला भवन में बिना सुरक्षा इंतज़ाम के कक्षाएँ संचालित!
बच्चों की जान खतरे में डाल कर क्या हम सिर्फ ब्रांड पर भरोसा कर सकते हैं?
फर्रुखाबाद। शहर में हाल ही में बड़े नामचीन ब्रांड आकाश इंस्टिट्यूट द्वारा खोले गए कोचिंग संस्थान को लेकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ने लगी है। भव्य उद्घाटन और ब्रांड की चमक-धमक के पीछे छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाहियाँ सामने आ रही हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब बीते दिनों फर्रुखाबाद के सातनपुर क्षेत्र स्थित सन क्लासेज एंड लाइब्रेरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे शहर को दहला दिया था। उस हादसे में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे और एक युवक की मौत हो गई थी। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारत के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए थे। इस दर्दनाक घटना के बाद जिले के शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, आकाश इंस्टिट्यूट में फायर सेफ्टी का अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं लिया गया है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए अनिवार्य माना जाता है। न ही परिसर में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम या आपातकालीन निकास द्वार जैसी बुनियादी व्यवस्थाएँ दिखाई देती हैं। ऐसे में किसी भी आपदा की स्थिति में छात्रों और स्टाफ की जान को बड़ा खतरा हो सकता है।
इतना ही नहीं, बिल्डिंग की मजबूती और सुरक्षा को प्रमाणित करने वाला संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं बताया जा रहा है, जो छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद आवश्यक होता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह संस्थान एक दोमंजिला भवन में संचालित हो रहा है, लेकिन ऐसी इमारतों के लिए जरूरी फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन सीढ़ियाँ और आपदा प्रबंधन उपायों की कोई स्पष्ट व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
एक और गंभीर पहलू यह भी है कि भीड़भाड़ वाले क्लासरूम्स में पर्याप्त वेंटिलेशन या एयर-कंडीशनिंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। छात्रों की संख्या के अनुसार न तो ऑक्सीजन लेवल का ध्यान रखा गया है और न ही गर्मी और उमस से राहत के लिए प्रभावी उपाय किए गए हैं। ऐसे माहौल में छात्रों को पढ़ाई के दौरान घुटन, बेचैनी और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लें और छात्र हित में तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें। बीते दिनों हुए दर्दनाक हादसे के बाद अभिभावकों के मन में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या सिर्फ किसी बड़े ब्रांड के नाम पर बच्चों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है?
छात्रों की सुरक्षा कोई दिखावे की चीज नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान की बुनियादी जिम्मेदारी है, जिसे किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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