आसमपुर विद्यालय मामले में विभागीय कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी, शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल
अमृतपुर फर्रुखाबाद
थाना क्षेत्र के गांव आसमपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 के अनाथ छात्र कृष्णा से कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला अब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था, लेकिन अब मामले में समझौता हो जाने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।परिजनों के अनुसार मिड-डे मील के दौरान भूख अधिक लगने पर छात्र कृष्णा ने थोड़ा अतिरिक्त दूध और दो रोटी मांग ली थी। आरोप है कि इसी बात पर प्रधानाध्यापक नाराज हो गईं और छात्र को डांटने के साथ मारपीट भी की गई। घटना के बाद बच्चा रोते हुए घर पहुंचा था।मामला सामने आने के बाद गांव में काफी नाराजगी रही और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई। वहीं पीड़ित पक्ष द्वारा थाना अमृतपुर में तहरीर भी दी गई थी।हालांकि अब क्षेत्र में यह चर्चा है कि पीड़ित परिवार से समझौता करा दिया गया और मामला धीरे-धीरे दबा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो विद्यालय प्रशासन पर कोई स्पष्ट विभागीय कार्रवाई हुई और न ही मिड-डे मील व्यवस्था की खामियों पर कोई जवाबदेही तय की गई।
मामले में खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले को शांत कराने पर ज्यादा जोर दिया गया, जबकि दोष तय करने और कार्रवाई की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आए।
थाना अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह ने पहले बताया था कि तहरीर प्राप्त हुई है और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। फिलहाल गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पारदर्शी जांच के साथ जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


