वॉशिंगटन। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) क्षेत्र में एक बड़ी कारोबारी डील ने वैश्विक टेक जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्टों के अनुसार एआई कोडिंग प्लेटफॉर्म ‘कर्सर’ की पैरेंट कंपनी एनीस्फीयर को एलन मस्क की एआई कंपनी द्वारा करीब 60 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर अधिग्रहित किए जाने की चर्चा है। इस सौदे ने कंपनी के सह-संस्थापकों को रातोंरात अरबपतियों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।
एनीस्फीयर की स्थापना वर्ष 2022 में भारतीय मूल के अमन संगर और पाकिस्तानी मूल के सुआलेह आसिफ सहित उनके सहयोगियों ने की थी। कंपनी ने बेहद कम समय में एआई आधारित कोडिंग टूल ‘कर्सर’ के जरिए वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई। यह प्लेटफॉर्म सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तेज और बेहतर कोडिंग करने में सहायता प्रदान करता है।
जानकारी के अनुसार कंपनी में दोनों संस्थापकों की लगभग 4.5-4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 60 अरब डॉलर के मूल्यांकन वाली इस डील के बाद दोनों को करीब 2.7 अरब डॉलर तक का लाभ मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित कोडिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती मांग ने एनीस्फीयर को दुनिया की सबसे तेजी से उभरती टेक कंपनियों में शामिल कर दिया। ‘कर्सर’ को डेवलपर समुदाय के बीच काफी लोकप्रियता मिली है और इसे सॉफ्टवेयर विकास के भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकों में गिना जा रहा है।
इस संभावित अधिग्रहण को केवल एक कारोबारी सौदा नहीं, बल्कि दक्षिण एशियाई प्रतिभा की वैश्विक सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है। महज कुछ वर्षों में शुरू हुई एक स्टार्टअप का अरबों डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंचना दुनिया भर के युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा माना जा रहा है।
हालांकि, इस डील से जुड़े अंतिम वित्तीय और नियामकीय विवरणों पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन टेक उद्योग में इसे हाल के वर्षों की सबसे चर्चित एआई डीलों में से एक माना जा रहा है।


