लखनऊ। परख अकादमी ऑफ फ़ोटोग्राफी द्वारा आयोजित विशेष फोटोग्राफी सेमिनार में देश के प्रख्यात फोटोग्राफर एवं शिक्षाविद् डॉ. भूपेश चंद्र लिटिल ने विद्यार्थियों एवं फोटोग्राफी प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि “एक फोटोग्राफर की दृष्टि बाज़ की तरह पैनी, सजग और दूरदर्शी होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट फोटोग्राफी केवल एक अच्छे कैमरे पर निर्भर नहीं करती, बल्कि फोटोग्राफर की सोच, अवलोकन क्षमता और सही क्षण को पहचानने की कला ही उसे विशिष्ट बनाती है। एक सफल फोटोग्राफर वही है, जो साधारण दृश्यों में भी असाधारण कहानी खोजने की क्षमता रखता हो।
सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों को चित्र संरचना (कम्पोज़िशन), प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग), दृश्य कथन (विज़ुअल स्टोरीटेलिंग) तथा व्यावसायिक फोटोग्राफी के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लगभग 35 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की प्रोफेसर तुलिका साहू, सुदन चंदोला, अविनाश चंद्र लिटिल, योगेश आदित्य सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं परख अकादमी ऑफ फ़ोटोग्राफी के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने डॉ. भूपेश चंद्र लिटिल के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाया तथा उनके प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
रीइग्नाइट क्लब (लखनऊ कॉलेज ऑफ आर्ट्स के पूर्व छात्र-छात्राओं का समूह का कार्यक्रम मे सहयोग रहा।


