– मासूम समेत 3 की मौके पर मौत, कई जिंदगी से जूझ रहे
– डीएम मैडम लाठर और पुलिस अधीक्षक ने खुद मौके पर पहुंच अस्पताल संभाला मोर्चा
फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे सोमवार दोपहर खून से लाल हो गया, जब राजेपुर थाना क्षेत्र के जमापुर मोड़ पर सवारियों से भरे एक ऑटो और तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक के बीच आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि एक मासूम बच्चे सहित तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं। जानकारी मिलते ही एक्टिव मोड पर आए प्रशासन ने पूरा मामला संज्ञान में लिया जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे पीड़ितों को सांत्वना दी और उनके बेहतर इलाज के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फर्रुखाबाद से शाहजहांपुर जा रहा ऑटो क्षमता से कई गुना ज्यादा सवारियों से भरा हुआ था। जैसे ही वाहन समृद्धि कोल्ड स्टोरेज के पास जमापुर मोड़ पर पहुंचा, सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग लोहे के मलबे में फंस गए।
इस दर्दनाक हादसे में बेबी उर्फ तनु, 16 वर्षीय युवराज और सत्येंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पुष्पा देवी, अंशु, नन्ही देवी, मासूम राज और बिट्टा देवी समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर कई घायलों को रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम मौके पर अस्पताल पहुंचे। डीएम ने घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने तत्काल इलाज शुरू कराया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और कई जिंदगियां बचाने में अहम भूमिका निभाई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे की बड़ी वजह ऑटो की ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही रही। सवाल यह है कि आखिर हाईवे पर खुलेआम चल रहे ऐसे ‘मौत के ऑटो’ पर प्रशासन कब लगाम लगाएगा?
हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर बहाल कराया।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही और सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ने की सच्चाई उजागर कर दी है। मृतकों के घरों में कोहराम मचा है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
इटावा-बरेली हाईवे पर मौत का तांडव- ओवरलोड ऑटो और तेज रफ्तार ट्रक की भिड़ंत


