कायमगंज/फर्रुखाबाद। मऊरशीदाबाद में हुए चर्चित गौवध प्रकरण का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथा आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, तीन जिंदा कारतूस तथा गौवध की घटना में प्रयुक्त छुरियां और रस्सी बरामद की गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पशु क्रूरता अधिनियम और आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार बीते माह मऊरशीदाबाद स्थित तशकील के केले के बाग में गौवंश के मांस के टुकड़े और एक घायल गौवंश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए 29 जून को कोतवाली के उपनिरीक्षक अरविंद कुमार की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर रफीक अहमद उर्फ राजू निवासी कटरा रहमत खां, सिमरती उर्फ पच्छू निवासी अताईपुर खटको, गुड्डू उर्फ सलीम खां निवासी अताईपुर जदीद तथा चांद मियां उर्फ चांद के नाम प्रकाश में आने पर उनकी तलाश शुरू की। गुरुवार तड़के करीब 12:45 बजे पुलिस ने टेड़ीकोन चौराहे के पास से रफीक अहमद, सिमरती उर्फ पच्छू और गुड्डू उर्फ सलीम खां को गिरफ्तार कर लिया, जबकि चांद मियां पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल एक आरोपी का बेटा चांद मियां अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो 315 बोर के अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो बड़ी और दो छोटी छुरियां तथा गाय को बांधने में इस्तेमाल की गई रस्सी भी झाड़ियों से बरामद कर ली गई।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने गौवध की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उनके बयान और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में पशु क्रूरता अधिनियम तथा आयुध अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद विधिक कार्रवाई पूरी की गई, जबकि फरार आरोपी चांद मियां की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सिमरती उर्फ पच्छू के खिलाफ वर्ष 2015 में भी गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
गौवध कांड का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, पिता पकड़ा गया तो बेटा फरार, अवैध तमंचे व घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद


