लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित सिख सामाजिक न्याय यात्रा के समापन समारोह और प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवाल आस्था से जुड़ा बड़ा मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और विकास कार्यों में भी लोगों के साथ अन्याय किया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में किसान डीएपी और यूरिया की कमी से परेशान हैं, जबकि सरकार समय रहते खाद की व्यवस्था नहीं कर सकी। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर किसानों को राहत, सम्मान और उनकी समस्याओं का समाधान मिलेगा। साथ ही प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, पुलिस व्यवस्था और एक्सप्रेस-वे निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
इससे पहले पीलीभीत से शुरू हुई समाजवादी सिख सामाजिक न्याय यात्रा का लखनऊ में समापन हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे सिख समाज के लोगों ने अखिलेश यादव को कृपाण, सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा 2027 में उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। यात्रा के दौरान सिख समाज ने भूमिधरी अधिकार, सिख आयोग के गठन, गुरुद्वारों के संरक्षण, ग्रंथियों को भत्ता और सिख इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने जैसी मांगें भी उठाईं।
प्रेसवार्ता में अयोध्या के राम निवास धाम मंदिर से जुड़े हरिशंकर सफारीवाला ने मंदिर की संपत्ति और जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं कपिलवस्तु के इंजीनियर संदीप यादव हत्याकांड में भी पीड़ित परिवार ने अखिलेश यादव से मुलाकात कर न्याय दिलाने की मांग की। समाजवादी पार्टी ने इन सभी मुद्दों को जनता और लोकतंत्र से जुड़ा बताते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।


