डीडीयू नगर: मुगलसराय शहर कांग्रेस कमेटी (Congress Committee) के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं के मार्च के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) , प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और शास्त्री पार्क में धरना देकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। दिल्ली में विपक्षी सांसदों का मार्च चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहा था, जिसे पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बृजेश गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित धरने में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी की ओर से 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम के तहत इंडिया गठबंधन के नेता गांधीवादी तरीके से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिसका वे विरोध करते हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से देश के जनादेश को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम काटे जाने और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। पीसीसी सदस्य अखिल अहमद बाबू ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है।
उनके मुताबिक मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष दयाराम पटेल ने कहा कि राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं को हिरासत में लिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि नेताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन को और तेज करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।


