*बंद रहीं दुकानें, जरूरत का सामान लेने गांव से बाहर निकल रहे लोग भारी पुलिस बल तैनात, गलियों में पसरा डर और खामोशी का माहौल*
*अमृतपुर/फर्रुखाबाद*
थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर में युवक बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद गांव में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। शव उठाने को लेकर हुए बवाल, पथराव और हिंसा की घटना के अगले दिन रविवार को पूरा गांव मातमी सन्नाटे में डूबा दिखाई दिया। गांव की गलियों में जहां रोज बच्चों की आवाजें और लोगों की चहल-पहल सुनाई देती थी, वहां अब खामोशी और डर का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत इतनी है कि अधिकांश लोगों ने अपने घरों से निकलना तक कम कर दिया। गांव की छोटी-बड़ी लगभग सभी दुकानें बंद रहीं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को गांव से बाहर जाना पड़ा। महिलाएं और बुजुर्ग भी जरूरी सामान लेने के लिए आसपास के बाजारों की ओर जाते दिखाई दिए। दूध, दवा, राशन और घरेलू सामान के लिए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि बृजेश की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। परिजन और ग्रामीण मौत को संदिग्ध बताते हुए आक्रोशित हो गए थे। शव उठाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। इस दौरान थाना अध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह को उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देश पर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गांव में भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात है तथा लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस प्रशासन उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटा हुआ है और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, वहीं अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। फिलहाल पूरे गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।


